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Wednesday, April 8, 2026
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धमतरी: स्वजनों के नक्सली कातिलों को पनाह देंगे नक्सलप्रभावित ग्रामीण

धमतरी, 8 जून ( हि. स.) ।मानसून आने के बाद बारिश शुरू होते ही नक्सली ,जंगल से सघन वनांचल गांवों में मच्छर व जहरीले सर्प से बचने शरण लेंगे। इन नक्सलियों को नक्सल अतिसंवेदनशील क्षेत्र के ग्रामीण अपने घरों में मजदूर, किसान व स्वजन बनाकर ठहराएंगे। इन्हीं नक्सलियों ने इन परिवारों के कई स्वजनों की हत्या की है। मजबूर ग्रामीण जान बचाने अपने ही स्वजनों के कातिलों को बारिश थमने तक महीनों घरों में पनाह देकर उनकी सेवा करेंगे। बारिश के तीन माह नक्सलियों को भारी पड़ता है। तेज गर्जना, झमाझम बारिश व घने जंगलों के बीच नक्सलियों को जहरीले सर्प, खतरनाक मच्छरों से हर पल जान का खतरा बना रहता है। वहीं खाने-पीने के लाले पड़ जाते हैं। इन मुसीबतों से बचने के लिए नक्सली बारिश के तीन माह तक अति नक्सल संवेदनशील गांवों में शरण लेते हैं। यहां नक्सली मजदूर, किसान बनकर पूरे तीन माह तक खेती-किसानी के लिए हल चलाते हैं। साथ ही वनांचलवासियों के वेशभूषा व रहन-सहन के बीच जिंदगी काटते हैं। 15 जून के बाद अंचल में बारिश शुरू हो जाती है, अब नक्सली जंगलों से शीघ्र ही गांवों की ओर लौटेंगे। इस बीच पुलिस नक्सलियों को पकड़ने कोशिश करते हैं, लेकिन सुराग के अभाव में नक्सली नहीं पकड़ाते। क्योंकि शरण देने वाले ग्रामीणों को जान का खतरा मंडराता रहता है। जिले के सघन वनांचल क्षेत्र के अतिसंवदेनशील नक्सल गांव संदबाहरा, मांदागिरी, खल्लारी, रिसगांव, चमेदा, मटियाबाहरा, खुदूरपानी, चंदनबाहरा, बोराई, खरका, घुटकेल, गोरेगांव दौड़, ठेनही, बेलरबाहरा, आमाबहार, जोरातराई, बनियाडीह, लिखमा, बुडरा, मेचका आदि गांवों में बारिश शुरू होने के बाद कई नए चेहरे दिखाई देंगे। चार संगठनों के नक्सली सक्रिय-धमतरी जिला के बोराई क्षेत्र गरियाबंद, ओड़िशा, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, आंध्रप्रदेश आने-जाने के लिए कारीडोर है। नक्सली इन क्षेत्रों में आने-जाने के लिए इस जंगल मार्ग का उपयोग करते हैं। जब बस्तर पर फोर्स का दबाव बढ़ते हैं, तो वे इन्हीं मार्गाें से धमतरी, गरियाबंद व ओडिशा क्षेत्र पहुंचते हैं। इन क्षेत्रों के चार नक्सली संगठन क्षेत्र में सक्रिय है। एसपी बीपी राजभानू ने बताया कि धमतरी जिले में सीतानदी दलम, गोबरा दलम, मैनपुर डिवीजन कमेटी और रावस कमेटी के 25 से 30 नक्सली धमतरी में सक्रिय है। नक्सली आपरेशन चलाने के लिए एसपी ने स्पेशल टास्क फोर्स की मांग की है, ताकि नक्सलियों को पकड़ सके। इस क्षेत्र में नक्सलियों का एरिया कमांडर सत्यम गावड़े हैं, इसके निर्देश पर नक्सली चलते हैं। एसपी बीपी राजभानु ने बताया कि धमतरी जिले में कोरोना के दूसरी लहर से किसी भी नक्सलियों के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी नहीं है, लेकिन बारिश में नक्सलियों को मलेरिया का खतरा बना रहता है। क्योंकि जंगलों में मच्छर अधिक है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन

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