धमतरी, 04 मार्च ( हि. स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार देश के समस्त न्यायालयाें में 10 अप्रैल को इस वर्ष का प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है। नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय में आठ खंडपीठ एवं बाह्य न्यायालय कुरूद व नगरी में एक-एक खंडपीठ बनाए गए हैं। इस नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य बैंक रिकवरी, अपराधिक शमनीय मामलाें, विद्युत, श्रम विवाद, भू अर्जन, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, वैवाहिक विवाद, धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, टेलीफोन, जलकर, राजस्व एवं अन्य सिविल प्रकरण खंडपीठ में रखे जाएंगे। इस संबंध में गुरुवार को सभी न्यायालयाें, बीमा कंपनी, बैंक, दूरभाष, नगर निगम एवं विद्युत विभाग को भी पृथक से पत्र जारी कर सभी राजीनामा योग्य प्रकरण एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण की जानकारी भेजी गई है। सभी न्यायालय चिन्हांकित राजीनामा योग्य प्रकरणाें के संबंध में पक्षकाराें एवं अधिवक्ताओं के साथ प्रीसिंटिग करे और राजीनामा के लिए सहमति प्राप्त होने पर उक्त प्रकरणाें को निराकरण के लिए 10 अप्रैल रखें। सभी बैंक, नगर निगम, दूरभाष एवं विद्युत विभाग को भी प्रीलिटिगेशन प्रकरण को चिन्हांकित कर उसकी सूची भेजने कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक प्रकरण का निराकरण लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर किया जा सकें। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणाें का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर किया जा सकता है। लोक अदालत के माध्यम से निराकृत प्रकरणाें की अपील नहीं होती। इससे समय एवं धन के अपव्यय को रोका जा सकता है। लोक अदालत के माध्यम से वैमनस्य व कटुता को मिटाकर भाईचारे एवं बंधुता की भावना को बढ़ा सकते हैं। इसलिए पक्षकार अपने अधिवक्ताओं के साथ मिलकर राजीनामा योग्य प्रकरणाें के निराकरण के लिए न्यायालय में राजीनामा आवेदन प्रस्तुत कर अपने प्रकरण को राजीनामा के लिए 10 अप्रैल को प्रस्तुत करें। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन




