धमतरी, 10 मई ( हि. स.)। कोरोना पाजिटिव मरीज व जंग जीत चुके कई लोगों को सांस लेने के लिए जोर लगाना पड़ रहा है। यह परेशानी दवाई खाने से नहीं बल्कि गुब्बारे फुलाने व शंख बजाने से दूर होगी। ऐसे में कई कोरोना मरीज घरों में बैठकर गुब्बारे फुला रहे हैं और सुबह ब शाम को शंख बजा रहे हैं। ताकि यह परेशानी दूर हो सके। कोरोना पाजिटिव आने के बाद और कोरोना संक्रमण के 15 से 16वें दिन में शारीरिक कमजोरी कम होने के बाद सांस की तकलीफ से कई लोग परेशान है। सांस लेने समय-समय पर इन लोगों को जोर लगाना पड़ता है। ऐसे लोगों को सांस लेवल कम न हो और सांस लेने में जोर लगाने जैसी समस्याओं से निजात मिले, इसके लिए डाक्टर दवाई की बजाय कई उपाय बता रहे हैं। जिला अस्पताल में पदस्थ एमडी डा संजय वानखेड़े ने बताया कि सांस की तकलीफ से निजात पाने मरीज अपने घरों पर एक दिन में 30 से 40 बार गुब्बारे फुलाकर इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं। यह कोई भारी समस्या नहीं है। योग और गुब्बारे फुलाने से दूर होगी। दवाई खाने की जरूरत नहीं है। यह परेशानी फेफड़े से संबंधित है। ऐसा करने से फेफड़े में फुलाव होता है और श्वसन तंत्र मजबूत होता है। कोरोना के चलते फेफड़ा काफी प्रभावित हो चुका होता है। ऐसे में सांस लेने के लिए तकलीफ होती है। इस तरह यह परेशानी दूर होगी। वे कोरोना मरीजों को घर में होमआइसोलेशन के दौरान गुब्बारा फुलाने का सुझाव भी देते हैं, ताकि सांस लेने में मरीज को तकलीफ न हो। इसके लिए योग के अनुलोम विलोम भी कारगर है। डा संतोष सोनकर ने बताया कि कोरोना होने के बाद कई मरीजों को सांस संबंधित परेशानी होती है। चूंकि कोरोना वायरस फेफड़ा को प्रभावित कर चुका होता है। इस तरह की परेशानी दूर करने लोग अपने घरों में गुब्बारे फुलाते या समय-समय पर शंख बजाते रहे। फेफड़े में फुलाव होने से सांस लेने के लिए आसानी होती है। दवाई खाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा प्रभावित लोग व्यायाम भी करें। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन




