उदयपुर, 25 मार्च (हि.स.)। उदयपुर जिले के गोगुन्दा में दो दिन पूर्व मंगलवार की शाम को मंदबुद्धि युवती के साथ गैंगरेप की वारदात में पुलिस ने आखिर कड़ी मशक्कत के बाद तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस ने विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए बालों के रंग के आधार पर आरोपितों को पकड़ा है। उदयपुर पुलिस अधीक्षक डाॅ. राजीव पचार ने गुरुवार शाम प्रेसवार्ता में खुलासा किया कि आपराधिक रिकाॅर्ड खंगालने, क्षेत्र के लोगों के बयानों के आधार पर तलाश के साथ घटनास्थल के निकटतम क्षेत्रों में स्थित हैयर सैलून की दुकानों, मार्ग में आने वाले सभी पेट्रोल पम्प, टोल प्लाजा व शराब की दुकानों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गये। फुटेज का चश्मदीद व पीड़िता से सत्यापन करवाया गया। वारदात के बाद आरोपित उदयपुर आकर मजदूरी कर रहे थे। मामले में मुख्य आरोपित के पुराने आपराधिक मामले भी सामने आए हैं। सूचना के आधार पर संदिग्ध लक्ष्मण पुत्र गन्ना वडेरा जाति गमेती (35) निवासी नेताजी का बारा पुलिस थाना ओगणा जिला उदयपुर का उक्त वारदात में शामिल होना पाया गया। उसके हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने मुंह खोला और अन्य आरोपितों की जानकारी दी। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर हरीश पुत्र वरदा गोरणा जाति गमेती (22) वर्ष निवासी नेताजी का बारा पुलिस थाना ओगणा व कावा उर्फ रमेश पुत्र गुल्ला (20) जाति खराडी निवासी कंथारिया थाना ओगणा को गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में बताया कि 21 मार्च सुबह लेबर स्टैंड साइफन चौराहा उदयपुर पर प्रतिदिन की तरह वे मजदूरी के लिये खड़े थे और वहीं तीनों मिले। उस दिन तीनों को कोई काम नहीं मिलने से तीनों मोटरसाइकिल लेकर गोगुन्दा पहुंचे। उसके बाद गोगुन्दा से रवाना होकर सूरजगढ़ होते हुए अपने गांव के लिए निकले। रस्ते में सेनवाड़ा गांव से नदी के रास्ते होते हुए आगे आमरी की तरफ जाने के दौंरान सेनवाड़ा नदी में एक महिला को अकेला देख राह में उसके बारे में पूछा। उन्हें जानकारी मिली कि उक्त महिला की मानसिक दशा कमजोर है जिसके बाद उन्होंने इस स्थिति का फायदा उठाने की योजना बना ली और लड़की का अपहरण कर लिया। उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बिठा कर नदी के रास्ते से होते हुए सुनसान जगह पहाड़ियों के बीच स्थित पथरीले नाले में ले गए। वहां हाथ-पैर-मुंह बांध कर तीनों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर उसके सिर व मुंह पर पत्थरों से वार किया जिससे वह घायल हो गए। उसे उसी हालत में छोड़ तीनों आमरी गांव के रास्ते होते हुए अपने-अपने घर चले गए। तीनों घटना के बाद अगले दिन तड़के ही पकड़े जाने के डर से उदयपुर शहर भाग आए और चुपचाप मजदूरी करने लग गए। एसपी पचार ने कहा है कि ऐसी वारदातों पर अंकुश के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चुनिंदा स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि आरोपित कहीं न कहीं कैमरे में कैद हो सकें और उन्हें जल्द पकड़ा जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल / ईश्वर




