झुंझुनू,19 जून(हि.स.)। जिले के बगड़ थाना इलाके के अलीपुर गांव में शुक्रवार रात को चूरू के हमीरवास थाने के हिस्ट्रीशीटर नंदा का बास निवासी बलकेश झाझड़िया की लाठियों, सरियों और लोहे की पाइपों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतक के भाई लोकेश ने बगड़ थाने में मामला दर्ज करवाया है। ग्रामीण डीएसपी भंवरलाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि डाबड़ी धीरसिंह में एक मंदिर के पुजारी परिवार के दो भाइयों के बीच विवाद चल रहा है। जिसमें एक भाई का पक्ष बलकेश और दूसरे भाई का पक्ष नितेश ले रहा था। इसी मामले में दोनों के बीच भी झगड़ा चल रहा था। कई बार फोन पर आपस में गाली गलौच और धमकियां भी दी गई थी। शुक्रवार रात को बलकेश अपने भाई के ससुराल में शादी में हिस्सा लेने के लिए घुमनसर आया हुआ था। जहां से खाना खाकर वह सीधा नितेश के घर पहुंचा। नितेश पहले से ही बलकेश के पीछे लगा हुआ था। उसने बलकेश के घर पहुंचते ही उसकी गाड़ी से तोड़ फोड़ और बलकेश व उसके साथियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बलकेश को मौके पर ही पीट पीटकर जान से मार दिया। वहीं उसके साथी लोकेश और विजेंद्र घायल हो गए। जिन्हें जयपुर रैफर किया गया है। बलकेश के साथ और भी दो- तीन युवक थे। जो मौके से भाग गए। इस मामले में लोकेश की रिपोर्ट पर नितेश, उसके भाई नवीन, ढाणी बराला सिंघाना के मनोज बराला और डाबड़ी धीरसिंह के पुजारी ओमप्रकाश सहित अन्य युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया गया है। जानकारी में सामने आया है कि गांव डाबड़ी धीरसिंह निवासी दो सगे भाइयों ओमप्रकाश व संतोष स्वामी के बीच पिछले कई दिनों से आपसी विवाद चल रहा था। बलकेश संतोष के पक्ष में और नीतेश ओमप्रकाश के पक्ष में था। नीतेश और बलकेश के बीच दोनों भाईयों के झगड़े में एक-दूसरे का पक्ष लेने के कारण आपस में दुश्मनी हो गई थी। दूसरों के झगड़े में पांव फंसाने से हुई दुश्मनी का हश्र ये हुआ कि इनमें से एक को अपनी जान गंवानी पड़ी। चर्चा यह भी है कि असल में नीतेश के पिता बलवीर और हिस्ट्रीशीटर बलकेश चाहते थे कि उन दोनों भाइयों के झगड़े को वे आपस में बैठकर समझें और सुलझाएं। ताकि यह लंबा नहीं चले। बताया जा रहा है कि इसी कारण बलकेश बलवीर से मिलने उसके गांव आया था। ताकि बलवीर अपने बेटे नीतेश व बलकेश के साथ बैठकर मामले का कोई रास्ता निकाल लें। लेकिन कि नीतेश खुद को रोक नहीं पाया और उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर बलकेश की हत्या कर दी। बलकेश हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह आठ दस दिन पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया था। घटना के बाद नीतेश फरार हो गया है। पुलिस नीतेश व उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। सूत्रों की मानें तो बलकेश का तासम्बन्ध संपत नेहरा गैंग से है। प्रदीप जैतपुरिया की उसके गांव में ही हत्या करने के मामले में भी बलकेश का नाम आ चुका हैं। प्रदीप जैतपुरिया को मारने वाले संपत नेहरा गैंग को प्रदीप जैतपुरा के गांव में होने के साथ- साथ अन्य सभी जानकारी घटना वाले दिन बलकेश ने ही उपलब्ध करवाई थी। ऐसी जानकारी भी सामने आई है। इससे पहले शुक्रवार को डाबड़ी धीरसिंह स्थित नई जोत बालाजी मंदिर के पुजारी परिवार में झगड़े को लेकर एसडीएम से ग्रामीणों ने शिकायत की थी। जिसमें बताया गया था कि पुजारी परिवार के सदस्य ने मंदिर में कुछ बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को मंदिर में रखा हुआ है। जो गांव में तेजी के साथ गाड़ियां दौड़ते है और लोगों में भय का माहौल पैदा करते हैं। इस सदस्य पर आरोप लगाया है कि उसने अपने भाई के परिवार को भी घर से निकाल दिया है। यह परिवार तीन दिन से दर दर की ठोकरें खा रहा है। ऐसे में गांव में डर का माहौल है। इसलिए इस व्यक्ति के साथ- साथ अन्य बदमाशों को पाबंद किया जाए। नहीं तो भविष्य में कोई आपराधिक घटना हो सकती है। इस शिकायत के दिन ही रात को इस मामले में हत्या जैसी वारदात हो गई। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश सर्राफ / ईश्वर




