चित्तौड़गढ़, 07 मार्च (हि.स.)। शहर में हुई एक करोड़ की नकबजनी के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए अर्न्तराज्यीय नकबजनी गिरोह के 6 आरोपितों व एक सर्राफा व्यवसायी सहित सात जनों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 17 लाख रुपए नकदी, एक किलो सोना व 17 किलो चांदी भी बरामद की है। यह चित्तौड़गढ़ जिले की चोरी के मामले में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने रविवार को कोतवाली थाने में पत्रकार वार्ता के दौरान एक करोड़ की नकबजनी का खुलासा करते हुए बताया कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तुलसी कॉलोनी स्थित एक मकान में चोरों ने जनवरी माह में चोरी की थी और सोना, चांदी व नकदी चुरा ले गए थे। एसपी भार्गव ने बताया कि लगभग एक करोड़ रुपए की चोरी हुई थी। प्रार्थी तुलसी कॉलोनी निवासी ऑटो मोबाइल व्यवसायी अनूप धोका 24 जनवरी को अपने परिवार सहित उदयपुर के लिये सुबह 10.30 बजे रवाना हो गये थे। वहीं, से प्रार्थी व्यवसाय के सिलसिले में मुम्बई चला गया। 26 जनवरी को प्रार्थी को चितौडगढ आना था। प्रार्थी की पत्नी ने कामवाली बाई को सूचना दी कि वह शाम तक पहुंच जाएंगे। काम करने वाली महिला शाम को प्रार्थी के घर गई तो दरवाजा खुला पाया। महिला ने पड़ोसी को बुलाया और प्रार्थी को सूचना दी। पड़ोसी मौके पर पहुँचे और अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ पाया गया। प्रार्थी भी शाम को पहुंचा तो पाया कि चोरों ने 24.50 लाख रुपए, 1350 ग्राम सोना व 19.50 किलोग्राम चांदी चोरी कर ली। एसपी भार्गव ने बताया कि मामला दर्ज कर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक हिम्मतसिंह देवल, वृताधिकारी मनीष कुमार शर्मा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई। टीमों ने शहर के करीब 360 सीसी टीवी फुटेज खंगाले। उसके बाद पुलिस ने उक्त मामले ने 6 आरोपियों रामलाल बागरिया पुत्र रामेश्वर निवासी राजपुरा, थाना सावर, जिला अजमेर, महेंद्र बागरिया पुत्र खानाराम निवासी पारा थाना केकडी जिला अजमेर, प्रधान बागरिया पुत्र निवासी पारा, थाना केकडी जिला अजमेर, रामनिवास पुत्रर रायमल बागरिया निवासी कुशायता, थाना सावर, जिला अजमेर, कैलाश उर्फ काबा पुत्र छीतर बागरिया निवासी मोटालाउ, थाना सावर, जिला अजमेर, पप्पू लाल पुत्र रामपाल बागरिया निवासी पाडरिया, थाना भिनाय, जिला अजमेर और एक सर्फ़रा व्यवसायी महेश सोनी पुत्र नाथूलाल निवासी कुम्हार मोहल्ला, थाना देवली, जिला टोंक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 17 लाख रुपए नगदी, एक किलोग्राम सोने के जेवरात व गिन्नी और 17 किलो 800 ग्राम चांदी बरामद की। आरोपियों व सर्राफा व्यवसायी से पूछताछ कर अन्य सर्राफा व्यवसायों से माल बरामदगी के प्रयास जारी है। – सुने मकान को दिन में बनाते निशाना एसपी भार्गव ने बताया कि यह लोग अर्न्तराज्यीय नकबजनी गिरोह के लोग है। गैंग द्वारा शहरों में जाते हैं और वह मोबाइल का प्रयोग नहीं करते हैं। दिन में यह रैकी कर बंद मकानों के बारे में पता करते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं। यह मकान में जाने से पूर्व भी आस-पास रैकी करते हैं। गैंग के सदस्यों में रामनिवास, काबा व प्रधान ने चेन्नई, उदयपुर में, रामलाल ने अहमदाबाद में व महेंद्र ने दिल्ली में भी कई वारदातें की है। – पुरानी पुलिसिंग से खोली वारदात एसपी भार्गव ने बताया कि जांच के दौरान काफी परेशानियां आई। शहर में करीब 360 सीसी टीवी फुटेज खंगाले लेकिन कई कैमरों में जाले लगे हुए थे। कुछ तो बन्द पड़े थे तो किसी किसी कैमरों की क्वालिटी ही खराब थी। ऐसे में फुटेज भी ढंग से नजर नहीं आ रहे थे। इस मामले में पुरानी पुलिसिंग के आधार पर ही वारदात का खुलासा किया है। तकनीक का उपयोग कम रहा है। साथ ही पुलिस अधीक्षक ने शहरवासियों से उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाने का आग्रह किया। एसपी भार्गव ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि अपने घर के बाहर अच्छी क्वालिटी वाले कैमरे लगवाए, कहीं बाहर जाए तो पड़ोसी को बता कर जाए। काम करने वाला रखे तो चरित्र सत्यापन करें। हिंदुस्तान समाचार/अखिल/ईश्वर




