नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वर्ष 2025 मिडिल क्लास के लिए कई मामलों में शानदार साबित हुआ। इस साल सरकार ने टैक्स और जीएसटी में बड़े सुधार किए, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ा और वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हुआ। सबसे ज्यादा राहत इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म से मिली।
इनकम टैक्स में मिली राहत, सैलरीड क्लास की जेब पर पड़ेगा कम बोझ
केंद्र सरकार ने आम आदमी की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस साल इनकम टैक्स में बड़े बदलाव किए हैं। बजट 2025 के तहत इनकम टैक्स छूट की सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही, स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये की अतिरिक्त छूट को जोड़ने पर कुल छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इसका सीधा मतलब है कि सैलरीड वर्ग अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी पर बिना टैक्स का लाभ उठा सकता है। यह कदम खासतौर पर मध्यम वर्ग की जेब पर वित्तीय बोझ कम करने और उनकी बचत बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
GST 2.0 से मिडिल क्लास को बड़ा फायदा
सरकार ने 2025 में जीएसटी स्लैब्स में भी बड़ा बदलाव किया। पुराने चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% को घटाकर अब केवल दो स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। वहीं, लग्जरी और सिन गुड्स पर जीएसटी की दर 40% कर दी गई।
453 चीजों पर GST रेट में बदलाव
नए जीएसटी रेट लागू होने के बाद 453 चीजों की दरों में बदलाव हुआ, जिनमें से 413 चीजों की दर में कमी हुई। करीब 295 जरूरी चीजों पर जीएसटी रेट 12% से घटाकर 5% या जीरो कर दिया गया। 1,200 सीसी या उससे कम की पेट्रोल कारों और 1,500 सीसी या कम की डीजल कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% की गई। इसी तरह, 350 सीसी या उससे कम की बाइक पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दी गई।
लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर 40% GST, आम आदमी के लिए राहत भरे बदलाव
साल 2025 में सरकार ने लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर जीएसटी 40% तय कर इसे महंगी वस्तुओं की श्रेणी में रखा। साथ ही कारों पर लगने वाला सेस हटा दिया गया। ये बदलाव देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और बाजार में निवेश को आसान बनाने के मकसद से किए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की ग्रोथ रेट 8.2% दर्ज की गई, जो पिछली कई तिमाहियों की तुलना में सबसे तेज़ है।
टोल प्लाजा पर भी मिडिल क्लास को मिली राहत
साल 2025 में आम लोगों के लिए टोल टैक्स का बोझ भी कम किया गया। सरकार ने 15 अगस्त से फास्टैग एनुअल पास लागू किया, जिसकी कीमत केवल 3,000 रुपये रखी गई। इस पास के जरिए कोई भी वाहन चालक पूरे साल में 200 टोल प्लाजा पार कर सकता है। इसका मतलब है कि एक टोल प्लाजा पार करने की लागत केवल 15 रुपये रह गई, जिससे हाइवे पर सफर पहले से काफी सस्ता और आसान हो गया।





