नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। ऑनलाइन टेक प्लेटफॉर्म से प्रेरित, कार सर्विसेज और रिपेयर बाजार के 2030 तक 25 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ऑनलाइन सेगमेंट की हिस्सेदारी 2020 में 1 प्रतिशत से बढ़कर 2030 तक 15 प्रतिशत होने की उम्मीद है, क्योंकि ऑनलाइन टेक प्लेटफॉर्म कार की रिसर्च, कार खरीद, कार फाइनेंस से कार स्वामित्व का पूरा कारोबार डिजिटाइज हो रहा है। बेंगलुरु स्थित मार्केट रिसर्च फर्म रेडसीर की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 महीनों में निजी वाहन बाजार में तेजी से वृद्धि हुई है। पहली तिमाही में 2020 की तुलना में पहली तिमाही 2021 में वाहनों की बिक्री 140 प्रतिशत हो गई है। यात्री वाहनों की बढ़ती मांग के कारण पुरानी कारों की वृद्धि हो रही है। रिपोर्ट में कहा, वर्तमान में पुरानी कारों की बिक्री का अनुपात वैश्विक औसत से 38 प्रतिशत कम है, जिसका मतलब है कि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण हेडरूम है। इस क्षेत्र को बाधित करने वाले नवीन विचारों के साथ, भारत के प्रयुक्त कार बाजार में आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिल सकती है। अध्ययन से पता चला है कि नए जनरेशन के प्लेटफॉर्म जो ग्राहक की पूरी यात्रा को डिजिटल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ऑफलाइन चैनलों की तुलना में अधिक एनपीएस देखते हैं। भारत कार सेवाओं और रिपेयार बाजार वर्तमान में काफी कम है, लेकिन तकनीकी प्लेटफॉर्म ग्राहकों को डोरस्टेप पिक-अप और ड्रॉप लो-कॉस्ट सर्विस और पोस्ट-सर्विस वारंटी जैसी सेवाएं प्रदान करके इस सेगमेंट में गुणवत्ता और किफायती समाधान तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि टेक प्लेटफॉर्म वास्तविक और किफायती स्पेयर पार्ट्स, तकनीक के नेतृत्व वाली मांग उत्पादन और कुशल सामग्री समर्थन के साथ सेवा कार्यशालाएं प्रदान कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप उच्च मार्जिन और फुटफॉल में वृद्धि हुई है। –आईएएनएस एनपी/आरजेएस




