नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। जब हम यात्रा करते है तो भारतीय रेल और होटलों का इस्तेमाल अक्सर करते हैं। भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है और यहां लाखों यात्री हर रोज यात्रा करते हैं। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए कई सुविधाएं प्रदान करता है जैसे कंबल, तकिया, और सफेद चादरें। इसके अलावा, जब हम यात्रा के दौरान हम कही रुकने के लिए होटलों का इस्तेमाल करते है तो भी सफेद चादर का ही इस्तेमाल किया जाता है।
होटल का कमरा हमारे लिए अस्थायी घर बन जाता है। होटल के कमरे में कई सुविधाएं होती हैं जैसे टीवी, एयर कंडीशनर, और केतली, जो हमारे ठहरने को आरामदायक बनाती हैं। जब आप AC कोच में यात्रा करते हैं तो क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आपको जो चादरें और तकिए मिलते हैं वे हमेशा सफेद होते हैं? या फिर होटल में हमेशा सफेद चादरों का ही इस्तेमाल क्यों होता है? आइए, जानते हैं इसके पीछे के कारण।
धुलाई में आसानी
होटल के कमरे में सफेद चादरें इसलिए इस्तेमाल होती हैं क्योंकि इनकी सफाई करना आसान होता है। अगर चादर रंगीन हो, तो यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि वह गंदी है या नहीं। रंगीन चादरों से रंग भी उतर सकता है, जो सफेद चादरों में नहीं होता।
सफेद चादरों को अच्छे से धोने पर उनमें हमेशा ताजगी और खुशबू रहती है। इसके अलावा, बात करें भारतीय रेलवे की तो रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में चादरों और तकियों के कवर धोने होते हैं। सफेद चादरें ब्लीचिंग के बाद चमक बरकरार रखती हैं और इन्हें आसानी से जर्म्स फ्री किया जा सकता है।
भारतीय रेलवे इन चादरों को विशेष मशीनों से धोता है जो 121 डिग्री सेल्सियस पर भाप उत्पन्न करती हैं। इस प्रक्रिया में चादरें पूरी तरह से स्वच्छ और कीटाणुरहित हो जाती हैं।
सभी इंटीरियर्स के साथ मेल खाती हैं सफेद चादर
सफेद चादरें किसी भी रंग के कमरे के इंटीरियर्स के साथ अच्छे से मेल खा जाती हैं। यही वजह है कि सफेद चादरें होटल के कमरे को सुंदर और क्लासी लुक देती हैं। इससे कमरे का माहौल और भी आकर्षक बनता है।
90 के दशक के बाद आया बदलाव
90 के दशक तक होटल के कमरे में रंगीन चादरों का इस्तेमाल ज्यादा था लेकिन 1990 के बाद इंटीरियर डिजाइनरों ने सफेद चादरों का प्रयोग शुरू किया। इसके बाद धीरे-धीरे यह होटल इंडस्ट्री में एक ट्रेंड बन गया और आज हर होटल में सफेद चादरें ही दिखाई देती हैं।
यात्रियों या होटल में रुके लोगों को स्वच्छ वातावरण देना मकसद
सफेद चादरों को एक साथ धोना और ब्लीच करना आसान होता है जिससे सफाई में कोई समस्या नहीं आती। भारतीय रेलवे या होटलें सफेद चादरों और तकियों का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए करता है कि यात्री या होटल में रुके लोग हमेशा स्वच्छ, कीटाणु रहित और आकर्षक बिस्तर पर सो सकें। सफेद चादरें रेलवे की सफाई नीति को पूरा करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।




