नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का हाल ही में निधन हो गया। उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे काम किए, जिनकी वजह से लोग आज भी उन्हें याद करते हैं। उनके जाने के बाद उनकी वसीयत सामने आई, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति से कई करीबी लोगों के लिए हिस्सा छोड़ा है।
मोहिनी मोहन दत्ता को मिली 500 करोड़ रुपये की संपत्ति
रतन टाटा की वसीयत में मोहिनी मोहन दत्ता का नाम भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ने उनके नाम 500 करोड़ रुपये छोड़े हैं। इस खबर के सामने आने के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर मोहिनी मोहन दत्ता कौन हैं और उनका रतन टाटा से क्या संबंध था?
कौन हैं मोहिनी मोहन दत्ता?
मोहिनी मोहन दत्ता रतन टाटा के पुराने और भरोसेमंद सहयोगी थे। उनका परिवार पहले स्टैलियन नाम की ट्रैवल एजेंसी का मालिक था, जिसका 2013 में ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के हिस्से ताज सर्विसेज के साथ विलय हो गया। इस विलय से पहले, मोहिनी मोहन दत्ता के परिवार के पास स्टैलियन के 80% शेयर थे, जबकि बाकी हिस्सेदारी टाटा इंडस्ट्रीज के पास थी। इसके अलावा, मोहिनी दत्ता ने टीसी ट्रैवल सर्विसेज में निदेशक के तौर पर भी काम किया है।
जमशेदपुर में हुई थी पहली मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहिनी मोहन दत्ता और रतन टाटा की पहली मुलाकात जमशेदपुर के डीलर्स हॉस्टल में हुई थी, जब मोहिनी महज 24 साल के थे। इसके बाद दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई और टाटा ने उनकी काफी मदद की। रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में अंतिम संस्कार के दौरान, मोहिनी मोहन दत्ता ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ अपने गहरे रिश्ते के बारे में बात की थी।
रतन टाटा की वसीयत में और किन लोगों का नाम?
रतन टाटा की वसीयत में 10000 करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे का जिक्र है। इस वसीयत में इन लोगों और संस्थाओं के नाम शामिल हैं। टाटा फाउंडेशन, भाई जिम्मी टाटा,सौतेली बहनें शिरीन और डीना जेजीभॉय, घरेलू स्टाफ मेंबर्स,शांतनु नायडू उनके करीबी सहयोगी, अब मोहिनी मोहन दत्ता का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। रतन टाटा अपनी दरिया दिली और सामाजिक योगदान के लिए जाने जाते थे। उनकी वसीयत से साफ है कि उन्होंने अपने करीबी और सहयोगियों को नहीं भुलाया। मोहिनी मोहन दत्ता भी उन्हीं खास लोगों में से एक हैं, जिनके लिए टाटा ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा छोड़ा है।




