नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST सिस्टम में बड़े बदलाव का ऐलान किया है, जिसे GST 2.0 नाम दिया गया है। इस नए सिस्टम के तहत टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाते हुए सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% रखे गए हैं। जहां एक ओर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर टैक्स घटाया गया है, वहीं दूसरी ओर विलासिता और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों पर टैक्स का बोझ बढ़ा दिया गया है।
GST 2.0 : इन वस्तुओं पर लगेगा 40% टैक्स
22 सितंबर 2025 से लागू होने जा रही GST 2.0 प्रणाली के तहत कुछ विशेष वस्तुओं पर 40% तक का उच्चतम टैक्स स्लैब लागू किया जाएगा। यह स्लैब उन वस्तुओं पर लगाया जा रहा है जिन्हें या तो विलासिता की श्रेणी में रखा गया है या जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती हैं।
इन वस्तुओं पर अब 40% GST लगेगा :-
– सभी प्रकार के एरेटेड वाटर (गैसयुक्त पेयजल)
– कार्बोनेटेड बेवरेजेज
– कैफीन युक्त ड्रिंक्स
– नॉन-अल्कोहॉलिक, शक्करयुक्त फ्लेवर ड्रिंक्स
– 350cc से ऊपर इंजन वाली मोटरसाइकिलें
– हेलीकॉप्टर
– यॉट्स (Yachts)
इसके पीछे सरकार का क्या है उद्देश्य ?
वित्त मंत्री द्वारा घोषित GST 2.0 के तहत टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक की 4-टियर टैक्स प्रणाली को सरल करते हुए केवल दो स्लैब रखे गए हैं – 5% और 18%। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य है आम लोगों के लिए जरूरी चीजों को सस्ता करना और विलासिता या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स का भार बढ़ाना।
सरल शब्दों में कहें तो अब सॉफ्ट ड्रिंक्स, फ्लेवर और शक्कर युक्त पेय, कैफीन युक्त ड्रिंक्स, बड़ी मोटरसाइकिलें, यॉट्स और हेलीकॉप्टर जैसी लग्जरी चीजों पर 40% तक जीएसटी देना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि एक ओर जहां राजस्व में बढ़ोतरी हो, वहीं दूसरी ओर इन वस्तुओं के उपभोग पर नियंत्रण रखा जा सके। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और संतुलित होगा।
हालांकि फिलहाल तंबाकू उत्पादों को 40% स्लैब में नहीं डाला गया है। सिगरेट, जर्दा, अनप्रोसेस्ड तंबाकू और बीड़ी जैसे उत्पाद अभी भी 28% टैक्स श्रेणी में ही रहेंगे। लेकिन जीएसटी काउंसिल ने संकेत दिए हैं कि आगे चलकर इन्हें भी उच्च टैक्स स्लैब में डाला जा सकता है। अन्य सेवाओं और वस्तुओं पर नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी, जबकि तंबाकू से जुड़ी वस्तुओं पर संशोधित दरें बाद में अधिसूचित तारीख से लागू की जाएंगी।




