नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पिछले सप्ताह पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम में PSP 2.0 के तहत पूरे देश में ई-पासपोर्ट पहल शुरू करने की घोषणा की, जिसमें शुरुआत में चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई यह पहल यात्रियों के लिए डिजिटल इंडिया इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक कदम बताया जा रहा है। लेकिन अब सवाल से उठता है कि, आखिर ई-पासपोर्ट क्या होता है और ये कैसे काम करता है जाने डिटेल में सबकुछ
बता दे, ई-पासपोर्ट या इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट पेपर और इलेक्ट्रॉनिक दोनों का संयुक्त पासपोर्ट है। जिसमें बेहतर सुरक्षा और तीव्र प्रसंस्करण के लिए एक चिप लगी होती है। जिसमें एक स्मार्ट पासपोर्ट आपके डेमोग्राफिक नाम, पता आदि और बायोमेट्रिक डाटा फोटो, फिंगरप्रिंट आदि को इलेक्ट्रॉनिक चिप में स्टोर किया जाता है। डॉ. जयशंकर ने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने पूरे देश में पीएसपी वी2.0 को शुरू कर दिया है। . इससे उच्च-स्तरीय उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाया जा सकेगा।
ई-पासपोर्ट क्या है?
ई-पासपोर्ट दिखने में सामान्य पासपोर्ट जैसा ही होता है बस इसमें एक चिप लगी होती है। जो डिजिटल तकनीक से लैस आधुनिक पासपोर्ट होता है जिसमें आपके व्यक्तिगत डाटा के साथ-साथ एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। वैसे आमतौर पर कवर पेज में चिप पासपोर्ट के अंदर लगी होती है, जिसमें आपके बायोमेट्रिक डाटा, फोटो, फिंगरप्रिंट और जरूरी व्यक्तिगत जानकारी डिजिटल रूप में स्टोर रहती है।
ई-पासपोर्ट कैसे काम करता है?
रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन चिप और एक एंटीना लगा होता है। चिप में पासपोर्ट धारक की व्यक्तिगत जानकारी और बायोमेट्रिक जानकारी होती है । -पासपोर्ट के सामने के कवर के नीचे एक छोटा सा अतिरिक्त सुनहरे रंग का सिंबल प्रिंटेड है1 जो इसे नियमित पासपोर्ट से अलग करने में आसान करेगा।
ई-पासपोर्ट दिखता कैसा है?
बाहर से देखने पर यह सामान्य ब्लैक या डार्क ब्लू कवर वाला पासपोर्ट जैसा ही है बस ये पेपर हाथ में ना होकर आपको आपके मोबाइल में देखने को मिल जाएगा। इससे भविष्य में होनेवाली धोखाधड़ी व कई बार मिसिंग के अवस्था में ये काफी मददगार साबित हो सकता है।असली चिप पासपोर्ट की कवर में या अंदरूनी पेज में लगी होती है, जो मशीन से स्कैन हो सकती है।
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कैसे करें?
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करने व्यक्ति को आधिकारिक पासपोर्ट सेवा प्लेटफॉर्म पर जाना होगा और नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा।
पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
नए यूजर को एक अकाउंट के लिए साइन अप करना होगा, जबकि मौजूदा उपयोगकर्ता केवल लॉग इन कर सकते है। आवेदन भरें और पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) में अपॉइंटमेंट ले सकते है ।
ई-पासपोर्ट के लिए शुल्क का भुगतान करें
ई-पासपोर्ट के लिए बायोमेट्रिक कैप्चर और दस्तावेज़ सत्यापन के लिए निर्धारित समय पर पीएसके या पीओपीएसके पर जाएं।
ई-पासपोर्ट के लाभ
ई-पासपोर्ट के कई फायदे है जैसे- इसकी मदद से फास्ट इमिग्रेशन प्रोसेस एयरपोर्ट पर जल्दी चेक-इन कर सकते है। नकली पासपोर्ट बनाना मुश्किल, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से अपग्रेडेड करना आसान डेटा सिक्योरिटी ज्यादा मजबूत इसके अलावा इसके और भी कई फायदे है।
उन्नत सुरक्षा
चिप पासपोर्ट के सामने के कवर पर स्थित होती है और इसमें आपका नाम, पासपोर्ट नंबर, जन्मतिथि और बायोमेट्रिक विवरण जैसे कि आपकी तस्वीर और उंगलियों के निशान सुरक्षित रूप से दर्ज होते हैं।
छेड़छाड़-रहित
छेड़छाड़-रहितसुरक्षित चिप प्रौद्योगिकी के कारण, ई-पासपोर्ट के जाली होने या नकल होने की संभावना कम होती है।
संपर्क रहित रीडिंग पूरी तरह खोले बिना या बारकोड स्कैन किए बिना चिप को तेजी से पढ़ सकते हैं।
वैश्विक उपयोग
पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं, इसलिए इनका उपयोग विश्व स्तर पर परेशानी मुक्त यात्रा के लिए किया जा सकता है। नहीं, ई-पासपोर्ट भी फिजिकल डॉक्युमेंट है। इसे आपको यात्रा के दौरान साथ रखना ही पड़ता है। फर्क बस इतना है कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है, जिससे एयरपोर्ट पर स्कैनिंग तेज होती है। पूरी तरह डिजिटल या मोबाइल में सेव वर्जन अभी भारत में लागू नहीं हुआ है।
कब से मिल रहा है E-पासपोर्ट?
भारत में 2022 से ट्रायल बेस पर ई-पासपोर्ट जारी होने शुरू किए फिलहाल कुछ शहरों और चुनिंदा लोगों को यह जारी किए जा रहे हैं। आने वाले सालों में सभी नए पासपोर्ट को ई-पासपोर्ट में बदलने की योजना है।
कौन बनवा सकता है?
अगर आप नया पासपोर्ट बनवा रहे हैं या पुराने का रिन्यूअल करा रहे तो आपको ई-पासपोर्ट मिलने की संभावना हो सकती है। बशर्ते वो आपके शहर में उपलब्ध हो।




