मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)। द फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (एफएआईटीएच) ने अन्य उपायों के साथ-साथ महामारी प्रभावित पर्यटन उद्योग के लिए वैधानिक दायित्वों पर आनुपातिक राहत के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क किया है। एफएआईटीएच देश में संपूर्ण पर्यटन, यात्रा और आतिथ्य उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राष्ट्रीय संघों का संघ है, जिसमें एडीटीओआई, एटीओएआई, एफएचआरएआई, एचएआई, आईएटीओ, आईसीपीबी, आईएचएचए, आईटीटीए, टीएएआई और टीएएफआई शामिल हैं। एफएआईटीएच ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि 2020-21 में एक विनाशकारी वित्तीय वर्ष के बाद, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत में पर्यटन व्यवसाय कड़े यात्रा आवश्यकताओं, कम अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कनेक्टिविटी और लोगों की यात्रा करने को लेकर पनपी आशंकाओं के कारण अत्यधिक प्रतिबंधित रहेगा। इसने चिंता जताते हुए कहा है कि यह पर्यटन उद्यमों और नौकरियों की व्यवहार्यता को बहुत प्रभावित करेगा। पर्यटन, यात्रा और आतिथ्य कंपनियों के लिए अपेक्षित नगण्य व्यवसाय के साथ, उन्होंने सभी निश्चित बिजली और अन्य उपयोगिता शुल्क, उत्पाद शुल्क, संपत्ति कर, अंतरराज्यीय पर्यटक परिवहन कर, एसजीएसटी की छूट सहित कई वैधानिक बकाया की पूर्ण छूट का अनुरोध किया है। इसने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इन क्षेत्रों के साथ ही अन्य स्थानीय कर से छूट, बिना किसी दंड के प्रावधान करने की अपील भी की है। उद्योग निकायों ने सभी लाइसेंस, परमिट और अनुमतियों के स्वत: नवीनीकरण की मांग की है, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 में बिना किसी वित्तीय शुल्क या दंड के समाप्त हो रहे हैं। एफएआईटीएच ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिना किसी दंड के पूर्ण छूट की मांग की है, जिसमें सभी निश्चित बिजली और अन्य उपयोगिता शुल्क, उत्पाद शुल्क, सम्पत्ति कर, अंतरराज्यीय पर्यटक परिवहन कर, एसजीएसटी से छूट एवं अन्य स्थानीय कर शामिल हैं। –आईएएनएस एकेके/एएनएम





