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इंडोनेशिया में निर्यात प्रतिबंध लगने का नहीं होगा असर, देश में खाद्य तेल का पर्याप्त भंडार

नयी दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि देश में सभी खाद्य तेलों का उचित भंडार है और यह इंडोनेशिया के निर्यात प्रतिबंध के कारण आये आपूर्ति संकट से उबरने के लिये पर्याप्त है। इंडोनेशिया का पाम ऑयल के निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध दो दिन पहले ही प्रभावी हुआ है। हालांकि, व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इंडोनेशिया को यह प्रतिबंध जल्द ही हटाना पड़ेगा। बाजार में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले से ही अनिश्चितता थी और गत 28 अप्रैल को निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के इंडोनेशिया के फैसले से बाजार में उथलपुथल मच गई। कुल आयातित खाद्य तेलों में कच्चा पाम ऑयल और रिफाइंड पाम ऑयल की हिस्सेदारी करीब 62 प्रतिशत है। पाम ऑयल मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से आयात किया जाता है। सोयाबीन तेल की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत है और इसे अर्जेटीना और ब्राजील से आयात किया जाता है जबकि आयातित तेल में 15 फीसदी हिस्सेदारी सूरजमुखी तेल की है, जिसे रूस और यूक्रे न से आयात किया जाता है। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, देश में इस वक्त खाद्य तेलों का भंडार 21 लाख मीट्रिक टन का है। इस माह और 12 लाख मीट्रिक टन तेल देश पहुंच जायेगा। इंडोनेशिया के निर्यात प्रतिबंध से निपटने के लिये इसी कारण देश के पास पर्याप्त खाद्य तेल भंडार है। इसके अलावा कृषि मंत्रालय द्वारा फरवरी में जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक इस साल देश में सोययाबीन का उत्पादन अच्छा होगा। इस साल देश में सोयाबीन उत्पादन 126.10 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान जारी किया गया है। गत साल 112 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उत्पादित हुआ था। सरसों की बुवाई भी 37 प्रतिशत अधिक हुई है। इस साल इसका उत्पादन 114 लाख मीट्रिक टन के आसपास हो सकता है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा कि अभी हमारे पास पर्याप्त भंडार है। प्रतिबंध के कारण आपूर्ति में 10 फीसदी की कमी आ सकती है। हालांकि, हमें लगता है कि इंडोनेशिया को जल्द ही प्रतिबंध पर विचार करना होगा नहीं तो उसे पाम ऑयल के भंडारण के बारे में सोचना पड़ेगा। इस बीच, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग लगातार खाद्य तेल आपूर्ति पर नजर बनाये हुये है और बड़े तेल व्यापारी संगठनों के साथ बातचीत कर रहा है। विभाग खाद्य तेलों की कीमतों में कमी लाने के बारे में इन एसोसिएशन से बातचीत कर रहा है। –आईएएनएस एकेएस/एसकेपी

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