नई दिल्ली, रफ्तार। एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को एनुअल बोनस भी क्रेडिट होगा। कर्मचारियों को एक साल से बोनस का इंतजार रहता है। इसके पैसों को कई लोग घूमने-फिरने, शॉपिंग में खर्च कर देते हैं। कुछ लोग उसके लिए पहले से प्लान बनाए रखते हैं। अगर, समझदारी से इस्तेमाल करें तो बोनस के पैसे बड़े काम आ सकते हैं।
बोनस को शॉर्ट या लॉन्ग टर्म में करें निवेश
बोनस को निवेश करने से पहले शॉर्ट या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के बारे में जानकारी जुटाएं। इसका इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट और घर के डाउनपेमेंट के लिए पैसा जोड़ने जैसा लॉन्ग टर्म में हो सकता है। छोटे गोल में वैकेशन, स्किल डेवलपमेंट, कार या बाइक खरीदने में कर सकते हैं। फाइनेंशियल गोल बनाने से निवेश से जुड़े फैसले लेने में काफी मदद मिलती है।
एक ही जगह नहीं करें पूरा पैसा निवेश
बोनस का पूरा पैसा एक एसेट में न लगाकर अलग-अलग एसेट में लगाएं। जैसे-शेयर, बॉन्ड, रियल एस्टेट, गोल्ड। उदाहरण के तौर पर 50 फीसदी पैसा शेयर, 30 फीसदी बॉन्ड और 10-10 पर्सेंट रियल एस्टेट और गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। बता दें, यह निवेश पर जोखिम को कम कर देता है। निवेश के लिए स्टॉक, म्यूचुअल फंड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, रियल एस्टेट, गोल्ड जैसे कई विकल्प हैं।
कर्ज उतारने में कर सकते हैं इस्तेमाल
आप पर कोई लोन है, जिसकी ब्याज दर काफी ज्यादा है तो बोनस की रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए कर सकते हैं। इससे मोटा ब्याज बचेगा। क्रेडिट स्कोर भी सुधरता है। इंटरेस्ट फ्री पीरियड के बाद क्रेडिट कार्ड कंपनियां अच्छी-खासी ब्याज दर लगाती हैं। ऐसी आशंका बनती है कि आप जो निवेश करें, उस पर आपको क्रेडिट कार्ड के इंटरेस्ट रेट के बराबर रिटर्न भी न मिले। इस परिस्थिति में बोनस के पैसों से ऊंची ब्याज दर वाला कर्ज उतारना समझदारी है।
निवेश से पहले करें ये काम
निवेश से पहले इमरजेंसी फंड जरूरी है। यह फंड मुश्किल वक्त में काम आएगा। आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है तो बोनस की रकम को इसका हिस्सा बना लें। इमरजेंसी फंड में कम-से-कम 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर पैसे होने चाहिए। घर खरीदने, रिटायरमेंट प्लानिंग या वेल्थ क्रिएशन जैसा लॉन्ग टर्म गोल है तो बोनस को इन लक्ष्यों को पूरा करने में इस्तेमाल करें।
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