-वित्त वर्ष 2020-21 में 10.5 फीसदी के दर से बढ़ोतरी: आरबीआई गवर्नर नई दिल्ली/मुंबई, 25 मार्च (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 की नई लहर से आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी। दास ने ये बात गुरुवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। गौरतलब है कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10.5 फीसदी के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ के लक्ष्य को कायम रखा है। गवरर्नर दास ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों का पुनरुद्धार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए और मुझे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आरबीआई के 10.5 फीसदी वृद्धि दर के अनुमानों को घटाने की जरूरत नहीं लगती। उन्होंने कहा कि इस समय किसी को भी पिछले साल जैसे लॉकडाउन की आशंका नहीं है। आरबीआई गवर्नर ने ये भी कहा कि आरबीआई कीमत और वित्तीय स्थिरता बनाए रखते हुए अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार के लिए अपने सभी नीतिगत उपायों के उपयोग को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता की बात है, लेकिन इससे निपटने के लिए इस बार हमारे पास अतिरिक्त उपाय है। उल्लेखनीय है कि फिच रेटिंग्स ने एक दिन पहले ही वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 12.8 फीसदी कर दिया है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 11 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। फिच ने अपने ताजा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (जीईओ) में कहा है कि भारत लॉकडाउन की वजह से आई मंदी की स्थिति से उम्मीद से अधिक तेजी से उबरा है। हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश/सुनीत




