नई दिल्ली, रफ्तार। चाय लवर्स के लिए थोड़ी चिंता की खबर है। चाय के दाम बढ़ने की आशंका है। दुनियाभर में असम और दार्जिलिंग की चाय मशहूर है, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते जून तक छह करोड़ किलोग्राम उत्पादन कमी हुआ हैचाय संगठन का यह अनुमान है। पिछले साल इसी अवधि में देश में चाय का प्रोडक्शन घटता दिख रहा है। उन्होंने बताया कि पहली और दूसरी फसल साल की सबसे हाई क्वालिटी वाली चाय पैदा करती है। इसके नष्ट होने से बिना शक के चाय उत्पादकों की कमाई पर असर पड़ेगा, जिससे चाय की कीमतें बढ़ सकती हैं। ।
क्यों घटा प्रोडक्शन?
उत्तर भारतीय चाय उद्योग से जुड़े असम और पश्चिम बंगाल के खतरनाक हालात हैं। मई में बेतहाशा गर्मी और बारिश न होने के साथ अधिक बारिश और धूप की कमी से चाय के उत्पादन पर बुरी असर पड़ा है।
‘प्रोडक्शन 6 करोड़ किलो तक कम होगा’
भारतीय चाय संघ (TAI) के अध्यक्ष संदीप सिंघानिया का अनुमान है कि बीते साल की तुलना में जून तक चाय की संयुक्त फसल का नुकसान छह करोड़ किलो हो सकता है।
असम-पश्चिम बंगाल से अधिक घटी पैदावार
उन्होंने बताया कि असम और पश्चिम बंगाल की चाय बागानों में मई 2024 के दौरान पिछले साल की तुलना में क्रमशः 20 फीसदी और 40 फीसदी की कम होने का अनुमान है। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2024 तक असम में चाय उत्पादन में पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 8% फीसदी और पश्चिम बंगाल में करीब 13% घटा है।
खबरों के लिए क्लिक करें- Rafaar News (raftaar.in)





