नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy ने 10,000 करोड़ रुपये तक के फंड जुटाने की योजना की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और अन्य माध्यमों से इस राशि को जुटाने की मंजूरी दी है। शुक्रवार को किए गए एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि Swiggy कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जिनमें मुख्य रूप से पब्लिक और प्राइवेट प्लेसमेंट शामिल हैं। फंड जुटाने के लिए कंपनी को आम शेयरधारकों से भी अनुमति लेनी होगी। इसके लिए एक असाधारण आम बैठक (EGM) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी।
Swiggy ने क्यों लिया ये फैसला?
Swiggy यह फंड जुटाने का कदम ऐसे समय पर उठा रही है जब क्विक कॉमर्स सेगमेंट में Blinkit और Zepto जैसे प्रतियोगियों से कंपनी को कड़ी टक्कर मिल रही है। इस योजना का मकसद अपनी मार्केट पोजीशन और बैलेंस शीट को मजबूत बनाना है।
Swiggy के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) राहुल बोथरा ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि, “इस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। पुराने और नए दोनों ही खिलाड़ी लगातार फंड आकर्षित कर रहे हैं। इसलिए हमें इस ग्रोथ कैपिटल को जुटाने की फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि इस फंड का एक हिस्सा स्ट्रैटेजिक रिजर्व के रूप में रखा जाएगा, जिसे कंपनी अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस के विस्तार और नए इनोवेशन में इस्तेमाल करेगी।
Swiggy के सितंबर तिमाही के परिणाम
कारोबारी साल 2025-26 की दूसरी तिमाही में Swiggy का घाटा पिछले साल की समान तिमाही के 626 करोड़ रुपये से बढ़कर 1092 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी मजबूती देखने को मिली और यह पिछले साल जुलाई-सितंबर की तिमाही के 3601 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 5561 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कारोबारी साल 2026-27 में Swiggy के रेवेन्यू में 20-22 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है और 550 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कंपनी को ‘खरीदें’ रेटिंग दी है।




