नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारत के शेयर बाजार में दशकों बाद पहली बार दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग को पारंपरिक शाम के बजाय दोपहर के समय आयोजित किया जा रहा है। यह बदलाव संवत 2082 की शुरुआत के अवसर पर किया जा रहा है। शुभ माने जाने वाला यह एक घंटे का सत्र अब परंपरा और परिचालन दक्षता के संतुलन के तहत दोपहर में होगा।
भारत के शेयर बाजार में एक नई परंपरा शुरू होने वाली है। दिवाली के अवसर पर होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग अब बदलेगी। पिछले दो सालों से यह ट्रेडिंग दिवाली के दिन नहीं, बल्कि उसके अगले दिन आयोजित की जा रही है, जिससे ट्रेडर्स को नया अनुभव मिलेगा।
लेकिन इस बार मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग में बड़ा बदलाव आया है। दशकों बाद पहली बार शेयर बाजार की दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर में आयोजित होगी। आज, मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में यह ट्रेडिंग दोपहर 1:45 बजे से शुरू होकर 2:45 बजे तक चलेगी। साथ ही आज से नया हिंदू वित्त वर्ष, संवत 2082, भी शुरू हो रहा है।
दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग का क्या है महत्व
सांस्कृतिक दृष्टिकोण से मुहूर्त ट्रेडिंग को हमेशा शुभ माना गया है। यह आस्था और वित्त का मेल है, जहां व्यापार से पूरे साल समृद्धि और लाभ की कामना की जाती है। परंपरागत तौर पर, व्यवसायी परिवार नए संवत के पहले व्यापार से पहले पूजन करते हैं, यानी बहीखातों की पूजा कर इस पवित्र समय की शुरुआत करते हैं।
इस वर्ष मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को होगी, जो संवत 2082 की शुरुआत का प्रतीक है। प्री-ओपन सत्र दोपहर 1:30 बजे शुरू होकर 1:45 बजे तक चलेगा, इसके बाद मुख्य ट्रेडिंग विंडो दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक होगी। एक्सचेंजों ने ब्लॉक डील और कॉल ऑक्शन जैसे सहायक चरण भी निर्धारित किए हैं, जो लगभग दोपहर 1:15 बजे शुरू होंगे। समापन सत्र दोपहर 2:55 से 3:05 बजे के बीच होगा।
व्यापार में संशोधन दोपहर 3:15 बजे तक किए जा सकेंगे, उसके बाद दिन के बहीखाते बंद हो जाएंगे। दिवाली के दिन सामान्य कारोबार स्थगित रहेगा।
क्या हो सकती है रणनीति?
निफ्टी 50 का 14-दिनों का आरएसआई 71.8 के मजबूत स्तर पर है, जिससे विशेषज्ञों का मानना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी में तेजी देखने को मिल सकती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के प्रमुख रणनीतिकार के अनुसार, पिछले एक दशक में जब भी मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन आरएसआई 55 से ऊपर रहा, निफ्टी ने अगले सप्ताह औसतन 1.5% और अगले महीने करीब 4% की बढ़ोतरी की है। इस हिसाब से, निफ्टी इस सप्ताह 25,900 के करीब पहुंच सकता है, इससे पहले कि बाजार में फिर अस्थिरता लौटे।
किन सेक्टर्स रख सकते हैं फोकस
पिछले एक दशक में निफ्टी50 मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन 80% बार बढ़त के साथ बंद हुआ है, औसतन 0.5% की बढ़त दर्ज की गई है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने 90% बार तेजी दिखाई, जिनकी औसत बढ़त क्रमशः 0.7% और 1% रही है।
मुहूर्त ट्रेडिंग से पहले का हफ़्ता सकारात्मक रहने पर निफ्टी50 ने पिछले 10 वर्षों में 7 बार औसतन 0.6% रिटर्न दिया है। इसके बाद अगले हफ्ते बाजार में करीब 2% की तेजी देखी गई है। ऐतिहासिक रूप से 70% से अधिक रीजनल इंडेक्स भी मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन हरे निशान में बंद हुए हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद सभी सेक्टर्स में तेजी समान रूप से नहीं होती। खासतौर पर सरकारी बैंकों में 9% से अधिक तेजी की उम्मीद है, जिसकी संभावना 65% से ज्यादा बताई जा रही है। यह सेक्टर निवेशकों के लिए खास अवसर पेश कर सकता है।
आगामी एक महीने में सरकारी बैंकों में 18% तक तेजी की संभावना जताई जा रही है। मेटल सेक्टर भी लचीला दिख रहा है, मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद अगले सप्ताह लगभग 4% और अगले महीने करीब 8.5% बढ़त की 60% संभावना बनी हुई है।
रियल्टी शेयरों में ऐतिहासिक रूप से मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद गिरावट देखी गई है, जिसके अगले सप्ताह 5% तक गिरने की 50% संभावना है। फार्मा सेक्टर की स्थिति और भी नाज़ुक है, जहां मुहूर्त के बाद वाले सप्ताह में लगभग 3% और महीने में 4% की गिरावट की 70% संभावना जताई गई है।





