नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। नया साल 2026 नई उम्मीदों और नए वित्तीय संकल्पों के साथ दस्तक दे रहा है। आमतौर पर लोग यह मान लेते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या एकमुश्त भारी निवेश जरूरी होता है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञ इससे इत्तेफाक नहीं रखते। सच्चाई यह है कि अगर सही योजना, अनुशासन और धैर्य के साथ निवेश किया जाए, तो छोटी-छोटी रकम भी भविष्य में बड़ा फंड तैयार कर सकती है।
क्या है 21x10x12 का SIP फॉर्मूला
इसी सोच पर आधारित है 21x10x12 का SIP फॉर्मूला, जिसे आम निवेशकों के लिए बेहद असरदार माना जाता है। इस फॉर्मूले में 21 का मतलब है 21 साल तक लगातार निवेश, 10 का अर्थ है हर महीने ₹10,000 की SIP और 12 का मतलब है 12 फीसदी का औसत सालाना रिटर्न। यह फॉर्मूला लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत का पूरा फायदा दिलाता है।
21 साल में कैसे बनेगा करोड़ का फंड
अगर कोई निवेशक जनवरी 2026 से हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू करता है और इसे 21 साल तक बिना रुके जारी रखता है, तो कुल निवेश करीब ₹25.20 लाख का होगा। वहीं, 12 फीसदी के अनुमानित औसत रिटर्न के हिसाब से यही रकम बढ़कर करीब ₹1.04 करोड़ तक पहुंच सकती है। यानी निवेश की गई राशि से लगभग तीन गुना ज्यादा पैसा सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से तैयार हो जाएगा।
SIP को बनाती है सबसे भरोसेमंद रणनीति
SIP को लंबे समय के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसमें हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करने से जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता। साथ ही बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी औसतन संतुलित हो जाता है। बाजार ऊपर जाए या नीचे, नियमित निवेश से यूनिट्स का औसत बेहतर होता है और लंबे समय में रिटर्न मजबूत बनते हैं।
निवेश से पहले जरूरी सावधानियां
हालांकि SIP शुरू करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे अहम बात यह कि SIP को बीच में रोकना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे कंपाउंडिंग का चक्र टूट जाता है और फाइनल कॉर्पस पर असर पड़ता है। अच्छे और भरोसेमंद इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का चयन करें और समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा करते रहें। यह भी समझना जरूरी है कि 12 फीसदी रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि लंबी अवधि में इक्विटी फंड्स ने बेहतर रिटर्न दिया है। कुल मिलाकर, 2026 की पहली सैलरी से अगर अनुशासन के साथ निवेश शुरू किया जाए, तो करोड़पति बनने का सपना एक ठोस लक्ष्य में बदल सकता है।




