नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एयरलाइन कंपनी स्पाइस जेट कंपनी ने 3000 करोड़ रुपये जुटाकर अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर दिया है। जिन लोगों को जून की सैलरी नहीं मिली थी उन्हें सैलरी का भुगतान कर दिया गया है। यह फंड QIP रूट के जरिए कमाया गया गया है। कंपनी ने कहा था कि उसे अपनी financial stability में सुधार और विकास योजनाओं का समर्थन करने के लिए पिछले फंडिंग दौर से अतिरिक्त 736 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
घरेलू बाजार में घट रही है हिस्सेदारी
ऐसा तब हुआ है जब एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी लगातार घट रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त में एयरलाइन की घरेलू यात्री बाजार हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 2.3 प्रतिशत रह गई थी। अगस्त में कुल 302,000 घरेलू यात्रियों ने एयरलाइन में सफर किया, जो साल-दर-साल 44.2 प्रतिशत कम था। पिछले साल जनवरी में एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी 7.3 प्रतिशत थी।
अभी PF का भुगतान नहीं किया गया है
एविएशन कंपनी ने ढाई साल से प्रोविडेंट फंड का भुगतान नहीं किया है, जबकि कर्मचारियों के वेतन से हर महीने काटे जाने वाला TDS (स्रोत पर कर कटौती) भी सरकार के पास जमा नहीं किया है।
ईएलएफसी के साथ किया 16.7 मिलियन डॉलर का समझौता
स्पाइसजेट (SpiceJet) ने इंजन लीज फाइनेंस कॉरपोरेशन (ELFC) के साथ चल रहे विवाद को भी सुलझा लिया है। कंपनी ने बयान में कहा- ELFC ने पहले 16.7 मिलियन डॉलर का दावा किया था। हालांकि अभी कंपनी अपने प्रारंभिक दावे से कम एक राशि पर समझौते को तैयार हो गई है। ELFC ने स्पाइसजेट के साथ कितनी राशि में ये समझौता किया है, इसका पता नहीं चल पाया है।
क्या कहते हैं चेयरमैन अजय सिंह
स्पाइस जेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि निवेशकों और संस्थानों की ओर से मिली मजबूत प्रतिक्रिया सेपाइसजेट की तेजी से विस्तार करने और भारत के उभरते विमानन बाजार में एक मजबूत कंपनी बनने के क्षमता में इसके विश्वास का प्रमाण हैं। इस पूंजी निवेश के साथ एयरलाइन अपने परिचालन को मजबूत करने, अपने दायरे को बढ़ाने और बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए अपने तंत्र का विस्तार करने के लिए तैयार है।




