नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। विमानन कंपनी स्पाइसजेट की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनी को अपने कर्मचारियों को TDS और PF के रूप में 350 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि उसने अप्रैल 2020 से अगस्त 2023 के बीच अपने कर्मचारियों के वेतन से काटे गए करीब 220 करोड़ रुपये के टीडीएस का भुगतान अधिकारियों को नहीं दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों के 135.3 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोविडेंट फंड (PF) का भी भुगतान नहीं किया गया है।
2009-10 से 2013-14 के लिए करीब 72 करोड़ रुपये का टीडीएस विवादित है
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में दाखिल एयरलाइन के प्रारंभिक प्लेसमेंट दस्तावेज (PPD) में स्पाइसजेट ने कहा कि वित्त वर्ष 2009-10 से 2013-14 के लिए करीब 72 करोड़ रुपये का टीडीएस विवादित विषय है। इसमें सीमा शुल्क, सेवा कर और जीएसटी में बकाया की काफी राशि को भी “विवादित” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
64 में से 36 एयरक्राफ्ट को खड़ा कर दिया गया है
30 जून 2024 तक स्पाइसजेट के 64 में से 36 एयरक्राफ्ट को मेंटेनेंस इशूज और फाइनेंशियल डिफिकल्टीस के कारण खड़ा कर दिया गया है। कंपनी को इसके लिए SEBI की ओर से कई तरह का जुर्माना लगाया गया है।
इतना ही नहीं स्पाइसजेट को पिछली 3 तिमाहियों से लगातार घाटा हो रहा है। हालांकि, अब कंपनी ने पीपीडी के जरिये इनवेस्टर्स से पैसे लेने की बात कही है, ताकि जमीन पर खड़े विमानों को वापस आसमान में भेजा जा सके और कंपनी का कारोबार रनवे पर लौट सके।
QIP के माध्यम से पात्र संस्थागत प्रतिभागियों को शेयर बेचकर 3,000 करोड़ रुपये जुटाना है लक्ष्य
Qualified institutional placement (QIP) के माध्यम से पात्र संस्थागत प्रतिभागियों को शेयर बेचकर 3,000 करोड़ रुपये जुटाना है। स्पाइसजेट के मुख्य लक्ष्यों में 601.5 करोड़ रुपये के बकाया टैक्स और स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस), भविष्य निधि (PF) और जीएसटी का भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा 750 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विमान और इंजन पट्टेदारों, इंजीनियरिंग विक्रेताओं और वित्तपोषकों सहित लेनदारों के साथ ऋण का निपटान करने के लिए किया जाएगा।




