नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और दिन को ‘ब्लैक फ्राइडे’ कहा जा रहा है। सुबह करीब 9:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 844.58 अंक टूटकर 82,830 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 260.80 अंक गिरकर 25,546 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया।
स्टॉक्स में भारी दबाव
आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। Infosys के शेयरों में करीब 5.6% की गिरावट आई, जबकि TCS, HCLTech, LTIMindtree, Coforge और Wipro भी बड़े लूजर्स में शामिल रहे। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 5% तक गिर गया, जिससे पूरे बाजार में कमजोरी फैल गई।
एशियाई बाजारों का हाल
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी का असर एशिया में भी दिखा। जापान का निक्केई 225 और टॉपिक्स इंडेक्स करीब 0.58% तक फिसले, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त में रहा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी पिछले बंद स्तर से नीचे ट्रेड करता दिखा। अमेरिकी टेक शेयरों में लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। Amazon, Google, Meta और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की योजना बना रही हैं। बढ़ते खर्च और रिटर्न को लेकर अनिश्चितता ने टेक सेक्टर पर दबाव बनाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक IT सेक्टर में तेज बिकवाली, अमेरिकी बाजार की कमजोरी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने बाजार को झटका दिया। डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर चेतावनी से जियो-पॉलिटिकल जोखिम बढ़ा है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं।
डॉलर मजबूत, रुपये पर दबाव
मजबूत अमेरिकी डॉलर और कमजोर होता रुपया भी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे विदेशी निवेशकों का पैसा उभरते बाजारों से निकलकर सुरक्षित एसेट्स की ओर जा सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि IT स्टॉक्स में मौजूदा गिरावट से घबराकर पैनिक सेलिंग करना सही नहीं होगा। निवेशकों को हालात स्थिर होने का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।





