नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार की हालत में आज भी कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। मंगलवार को शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही फ्लैट नोट पर खुले और शुरुआती कारोबार में हल्की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.05 फीसदी फिसलकर 83,207 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 0.02 फीसदी की कमजोरी के साथ 25,580 पर कारोबार की शुरुआत करता दिखा।
ट्रेड वॉर का डर बना बाजार पर दबाव
ग्लोबल मार्केट में इन दिनों अनिश्चितता का माहौल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई नीतियों और सख्त फैसलों से निवेशक घबराए हुए हैं। अमेरिका ने डेनमार्क, नॉर्वे, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड समेत 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। निवेशकों को आशंका है कि इन देशों की ओर से जवाबी कार्रवाई हो सकती है, जिससे बड़ा ट्रेड वॉर छिड़ सकता है। इसी डर का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिख रहा है।
आगे भी रह सकता है उतार-चढ़ाव
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार का कहना है कि आने वाले दिन बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि बड़े जियो-पॉलिटिकल और जियो-इकोनॉमिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है तो ट्रेड वॉर लगभग तय है, जो ग्लोबल मार्केट के लिए नकारात्मक होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप कई बार अपने फैसलों से पीछे हटते रहे हैं। शेयर बाजार की गिरावट की एक बड़ी वजह कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे भी हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों की कमाई उम्मीद से कम रही, जिससे बाजार पर दबाव बना। इसका असर खासतौर पर फाइनेंशियल और घरेलू साइक्लिकल शेयरों पर देखने को मिला। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी महीने में अब तक एफपीआई ने करीब 22,530 करोड़ रुपये (करीब 2.5 बिलियन डॉलर) के शेयर बेच दिए हैं। कमजोर रुपया और ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल ने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया है।




