नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है और अब तक के सबसे निचले लेकर लेवल पर चला गया है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव 85.06 के लेवल पर आ गया। बुधवार को यह तीन पैसे गिरकर 84.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। मंगलवार को रुपया 84.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ । दिन के कारोबार के दौरान यह गिरकर 84.95 प्रति डॉलर पर आ गया और अंत में तीन पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 84.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट पहले से ही एशियाई मुद्राओं पर दबाव डाल रहे हैं। इसमें रुपया भी शामिल हैं। ट्रम्प ने कहा भी ही कि “अगर वे हम पर टैक्स लगाते हैं, तो हम भी उन पर समान रूप से कर लगाएंगे।”
ट्रंप का कहना है कि भारत हमसे कुछ उत्पादों पर 100 या 200 फीसदी शुल्क वसूलता है। यदि वे हमें साइकिलें भेजते हैं तो हम भी उन्हें साइकिलें भेजते हैं, भले ही वे हम पर भारी कर लगाते हैं जबकि हम उनसे कुछ नहीं लेते। अब यह परिवर्तन नियम लागू होने जा रहा है ।
भारतीय मुद्रा रुपया दबाव में है
नवंबर में विदेशी निवेशकों के बाहर निकलने और व्यापार घाटे के कारण भी रुपया दबाव में है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर धीमी रही। इस दौरान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 5.4 फीसदी रही। रुपये का गिरना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए चिंता का विषय है, जो मूल्यवान विदेशी मुद्रा भंडार को कम करते हुए मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर हो रहा है।
विदेशी मुद्रा भंडार में कमी
पिछले दो महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 46 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आई है। RBI के आंकड़ों से पता चला कि विदेशी मुद्रा भंडार 4 अक्टूबर के 704.885 अरब डॉलर से घटकर 6 दिसंबर को 654.857 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के हस्तक्षेप के कारण 4 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी जारी रही। इस साल अब तक डॉलर के मुकाबले रुपया करीब दो फीसदी कमजोर हो चुका है।





