back to top
27.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

डिजिटल नवाचार के साथ पंजीकरण में वृद्धि भारतीय एमएसएमई के लचीलेपन को दर्शाती है

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस की पूर्व संध्या पर वैश्विक गैर-लाभकारी वाधवानी फाउंडेशन ने कोविड-19 महामारी के कारण संघर्षरत एमएसएमई क्षेत्र को अपने विकास में तेजी लाने के लिए एमएसएमई को सशक्त बनाने का आह्वान किया है। फाउंडेशन ने पिछले एक साल में 550 एसएमई और उनके 5,000 कर्मचारियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। देश के आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में एमएसएमई की भूमिका अहम है और इस अति संभावित क्षेत्र को फिर से दुरुस्त तभी बनाया जा सकता है, जब इसे रणनीतिक रूप से और अधिक गहराई व तेजी के साथ समर्थन मिलेगा। इसलिए सेक्टर को दोबारा मजबूत बनाने के लिए इसमें अधिक निवेश करने, कामगारों की मजदूरी बढ़ाने, लेनदारों के दबाव को कम करने और सबसे जरूरी अधिक महत्वपूर्ण चुनौतियों का पता लगाने की जरूरत है, जिसमें इसका विकास निहित हो। इन्हीं सबसे इसकी वास्तविक क्षमता को उजागर किया जा सकेगा। इन कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में और अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2021 की पूर्व संध्या पर वाधवानी एडवांटेज के कार्यकारी उपाध्यक्ष समीर साठे ने कहा, जैसा कि महामारी ने दुनिया सहित विशेष रूप से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को खासा परेशान किया है, इस तथ्य की नए सिरे से पहचान की जा रही है कि एमएसएमई पर ध्यान देने, इसकी देखभाल करने, पोषण करने और इसकी कायाकल्प करने की आवश्यकता है, जिसमें विफल होने पर कुछ ही समय के भीतर दुनिया में व्यापार, वाणिज्य, अर्थशास्त्र और आजीविका की सुनियोजित व्यवस्था मुरझा जाएगी। उन्होंने आगे कहा, एमएसएमई पंजीकरण में हालिया उछाल और उनके व्यवसायों में डिजिटल नवाचार को शामिल करना महामारी के बावजूद एमएसएमई के लचीलेपन का एक उत्साहजनक संकेतक है। वाधवानी एडवांटेज अपने व्यापार की बुनियादी बातों को तेज और मजबूत करने, मध्यम अवधि में अपने व्यवसाय को स्थिर करने और लंबी अवधि में तेजी से विकास को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। साठे ने आगे यह भी कहा, हम स्वचालित बिजनेस डिस्कवरी और ट्रांसफॉर्मेशन टूल्स की मदद से व्यवसायों को उनकी अधिकतम क्षमता के साथ सशक्त बनाते हैं। हम चाहते हैं कि उद्यमियों को उनके स्वयं के सलाहकार बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। एमएसएमई क्षेत्र को व्यापक रूप से देश की अर्थव्यवस्था के विकास में व्यापक रूप से योगदान देने के तौर पर स्वीकार किया जाता है, जो सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार सृजन दोनों में अर्थव्यवस्था का 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। कोविड-19 महामारी का देश के संपूर्ण एमएसएमई क्षेत्र पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके तहत अब यह जरूरी है कि उनकी सहायता के लिए पुनरुद्धार के उपाय किए जाएं। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस, 2021 इस क्षेत्र में आई कठिनाइयों का आत्मनिरीक्षण करने और उन्हें सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। –आईएएनएस एएसएन/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

Eyebrow Growth के लिए घर पर करें ये ट्रिक्स, पतली भौंहें बनेंगी घनी और नेचुरल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आइब्रो किसी भी चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने का अहम हिस्सा होती हैं। घनी और शेप में सही भौंह चेहरे की आकर्षकता...
spot_img

Latest Stories

इस Hanuman Jayanti भगवान को लगाएं ‘बेसन के लड्डुओं’ का भोग, ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का...

PMKVY क्या है? जानें योग्यता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PMKVY एक कौशल प्रशिक्षण योजना है...

Parth Pawar और Raj Thackrey की मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, नए समीकरणों की अटकलें तेज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵