नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में तेजी से साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिसे लेकर केंद्र सरकार पहले ही चेतानवी जारी कर चुकी है। इसके अलावा कई राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर पर इसपर लगाम लगाने की कोशिश की है। अब भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए चेतावनी जारी की है। दरअसल, बीते कुछ महीनों की बात करें तो ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें ठग कोई बड़ा अधिकारी बनकर लोगों के फंसाते हैं और इसके जरिए वह लोगों से पैसे ऐंठते हैं।
RBI ने Whatsapp यूजर्स को चेताया
साइबर ठगी से आगाह करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी विषेषकर उन लोगों के लिए है जो व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि ये कोई छोटा वर्ग नहीं हैं क्योंकि अधिकतक लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्थिति और गंभीर हो जाती है। रिजर्व बैंक लोगों के मैसेज भेजकर आगाह कर है। रिजर्व बैंक ने अपने मैसेज में लिखा है, ”क्या आपको डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है? कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं है। व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी शेयर न करें या पैसों का भुगतान न करें। मदद के लिए 1930 पर कॉल करें।”
क्या है Digital Arrest?
डिजिटल अरेस्ट तकनीक का इस्तेमाल करके ठगी करने का आधुनिक तरीका है। इसके जरिए ठग लोगों के वीडिया कॉल करते हैं और उनके किसी करीबी का किसी अपराध में शामिल होने की जानकारी देते हैं। क्योंकि ठग कोई बड़े पुलिस अधिकारी बनकर बात करते हैं तो लोग उनपर यकीन कर लेते हैं। ऐसे में वह ठग उनसे पैसे की मांग करते हैं और मुसीबत से बचने के लिए लोग उन्हें पैसे दे देते हैं जिसके बाद वह ठगी का शिकार हो जाते हैं और लाखों करोड़ो की चपत लगवा बैठते हैं।





