नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत की फेमस टेलीकॉम कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिलायंस जियो ने डिजिटल क्षेत्र में एक नया कदम उठाया हैं। इस कंपनी ने पॉलिगन ब्लॉकचेन नेटवर्क पर अपनी नई क्रिप्टोकरेंसी जियो कॉइन को लॉन्च किया।. वहीं इस टोकन को पॉलीगॉन ब्लॉकचेन पर काम करने वाला एक इनाम-आधारित टोकन बताया जा रहा है. वहीं सूत्रों के मुताबिक जियो कॉइन को एक प्रोजेक्ट टोकन के रूप में बनाया गया है, जिसका उद्देश्य जियो के डिजिटल सेवाओं जैसे पेंमेंट्स, ई-कॉमर्स और डेटा स्टोरेज को मदद करने के लिए है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिलायंस जियो का इस टोकन के जरिए भारत के डिजिटल क्षेत्र में नया बदलाव लाना हैं।
जियो कॉइन का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
ये जियो कॉइन एक फ्रेमवर्क पॉलीगॉन ब्लॉकचेन पर आधारित एक इनामी टोकन है, जिसे उपयोगकर्ता जियो के स्फीयर ब्राउज़र के जरिए कमा सकते हैं। इस टोकन का इस्तेमाल रिलायंस इकोसिस्टम के भीतर कई विभिन्न उपयोग के लिए किया जा सकता है, जैसे मोबाइल रिचार्ज, रिलायंस स्टोर पर शॉपिंग और विशेष अन्य सुविधाएं ।
जियो कॉइन कैसे खरीदें (How to Buy Jio Coin)
लेकिन अभी बात करें इस टोकन की खरीदी की तो फिलहाल अभी जियो कॉइन को सीधे खरीदा नहीं जा सकता, लेकिन उपयोगकर्ता इसे जियोस्फीयर ब्राउज़र के माध्यम से कमाई कर सकते हैं. इसके लिए उपयोगकर्ताओं को Android या iOS डिवाइस पर जियोस्फीयर ब्राउज़र को डाउनलोड कर अपने जीयो नंबर से साइन अप करना होगा। एक रिर्पोटनुसार, जियो कॉइन को जल्द अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जियो कॉइन का मूल्य (Jio Coin Price)
जियो कॉइन के कीमत की बात करे तो अभी इसपर कोई खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन अनुमानित बाजार में 5 से 43.30 प्रति टोकन पर एंट्री कर सकता है। फिर जैसे-जैसे जियो कॉइन के उपयोगिता बढ़ेगी, वैसे ही इसमें भी वृद्धि की जाऐगी। जैसे जियोमार्ट, रिलायंस गैस स्टेशनों पर वृद्धि की गई । इस जियो कॉइन का उद्देश्य केवल क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन तक सीमित नहीं होगा बल्कि यह जियो नेटवर्क के जरिए मोबाइल रिचार्ज, शॉपिंग डिस्काउंट और ईंधन भुगतान जैसी सेवाओं में भी काम करेगा।
भारत की आर्थिक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रभाव बढ़ा सकती है
जियो कॉइन भारतीय बाजार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाऐगा। रिलायंस जियो के विशाल मिलियन उपयोगकर्ताओं के जरिए जियो कॉइन क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद कर सकता है. यह सभी भारतीय कंपनियों को डिजिटल मुद्राओं के लिए और अधिक सुविधाऐं प्रदान करेगा, जिससे भारत की आर्थिक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रभाव बढ़ा सकती है।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी की चुनौतियां
भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर 30% ब्याज और 1% टीडीएस जैसे नियामक मुद्दे अभी मौजूद हैं. लेकिन इन नियमों के बावजूद, जियो कॉइन के इस कदम पर भी नज़र रखी जाऐगी। और रही बात रिलायंस और पॉलीगॉन लैब्स के सहयोग की तो डिजिटल पैसों को अनुकूल बनाने में भी मदद कर सकेगा। .
पॉलीगॉन और एथेरियम के लिए संभावनाएं
जियो कॉइन की साझेदारी से पॉलीगॉन के साथ-साथ दोनों ही कंपनियों को लाभ देगा। एथेरियम ब्लॉकचेन पर आधारित पॉलीगॉन के साथ यह एथेरियम पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत कर सकेगा जिससे नया बदलाव कर ये भारत के आर्थिक विकास में मदद करेगा।




