नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के मामलों को देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए RBI ने कई नए सुरक्षा उपाय प्रस्तावित किए हैं। इनका मकसद यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाना और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है, जिसके चलते अब नए नियमों की जरूरत महसूस की जा रही है। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
RBI ने फ्रॉड रोकने के लिए उठाए कदम
1. हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन पर समय की देरी
RBI ने प्रस्ताव दिया है कि 10,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर कुछ समय की देरी (लगभग 1 घंटा) हो, ताकि यूजर गलती या फ्रॉड होने पर उसे कैंसिल कर सके।
2. ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की मंजूरी
बुजुर्गों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बड़े ट्रांजैक्शन पर किसी “ट्रस्टेड व्यक्ति” की मंजूरी जरूरी हो सकती है, जिससे फ्रॉड का खतरा कम होगा।
3. ‘किल स्विच’ फीचर
अगर यूजर को लगे कि उसके साथ धोखाधड़ी हो रही है, तो वह एक क्लिक में सभी डिजिटल पेमेंट्स को बंद कर सकेगा।
4. संदिग्ध खातों पर नजर
RBI ऐसे बैंक खातों पर सख्ती बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिनका इस्तेमाल फ्रॉड में होता है, ताकि “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क को रोका जा सके।
5. नए खातों में सुरक्षा सेटिंग
नए बैंक खातों में डिजिटल पेमेंट फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद हो सकता है, जिसे यूजर खुद एक्टिव करेगा। इससे शुरुआती स्तर पर सुरक्षा बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, RBI का यह प्लान डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में UPI फ्रॉड पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।




