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Saturday, April 4, 2026
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पोस्ट ऑफिस की दो जबरदस्त स्कीमें हैं FD और NSC, जानिए कौनसी है आपके लिए बेहतर?

पोस्ट ऑफिस में निवेश के लिए दो बेहद लोकप्रिय विकल्प हैं टाइम डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम्स। चलिए हम आपको इन दोनों स्कीम्स में अंतर बताएंगे।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । जब भी सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश की बात होती है, तो पोस्ट ऑफिस का नाम सबसे पहले आता है। इसकी वजह है यहां मिलने वाली सरकारी गारंटी, जिससे निवेश पर जोखिम ना के बराबर हो जाता है। खासकर उन निवेशकों के लिए, जो फिक्स्ड इनकम और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) दो बेहद लोकप्रिय विकल्प हैं। हालांकि, इन दोनों स्कीमों की अपनी-अपनी खूबियां हैं, और ये तय करना कि आपके लिए कौन-सी बेहतर है, आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, जिसे शॉर्ट में TD कहा जाता है, दरअसल बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसी ही एक स्कीम है। इसमें निवेशक एक तय अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा करते हैं और उस पर एक निश्चित ब्याज दर के मुताबिक रिटर्न मिलता है। पोस्ट ऑफिस TD में आप 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। 

क्या है नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट?

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC, पोस्ट ऑफिस की एक लोकप्रिय छोटी बचत योजना है, जिसका उद्देश्य सिर्फ सुरक्षित निवेश ही नहीं बल्कि टैक्स बचत भी है। यह योजना सर्टिफिकेट के रूप में जारी की जाती है और इसकी लॉक-इन अवधि 5 साल की होती है। 

ब्याज दरों में कौन बेहतर?

पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (TD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), दोनों ही योजनाओं की ब्याज दरें हर तिमाही सरकार द्वारा तय की जाती हैं। जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के लिए, पोस्ट ऑफिस TD पर मिलने वाली ब्याज दरें इस प्रकार हैं :- 1 साल पर 6.9%, 2 साल पर 7.0%, 3 साल पर 7.1% और 5 साल की अवधि पर 7.5% ब्याज मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर, NSC पर इस तिमाही में 7.7% की निश्चित ब्याज दर तय की गई है। यानी अगर सिर्फ ब्याज दर के आधार पर तुलना करें, तो NSC का रिटर्न पोस्ट ऑफिस TD से थोड़ा बेहतर है।

टैक्स बेनिफिट्स में बड़ा अंतर, जानिए कौन है फायदे में?

टैक्स के मामले में पोस्ट ऑफिस TD और NSC के बीच बड़ा अंतर है, और यह अंतर निवेशकों के फैसले पर काफी असर डाल सकता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) में सिर्फ 5 साल की अवधि वाली योजना पर ही इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। अगर आप 1, 2 या 3 साल की TD में पैसा लगाते हैं, तो उस पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा। साथ ही TD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और यह आपकी सालाना आय में जुड़ जाता है।

वहीं नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) टैक्स सेविंग के मामले में और भी आकर्षक है। इसमें निवेश की गई राशि पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। लेकिन असली फायदा इसके ब्याज ढांचे में है। NSC का ब्याज हर साल आपके खाते में नहीं आता, बल्कि वह मूलधन में जुड़कर दोबारा निवेश हो जाता है। इस दोबारा निवेश हुए ब्याज पर भी आपको 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, बशर्ते यह कुल 1.5 लाख की सीमा में हो। केवल अंतिम यानी पांचवें साल का ब्याज टैक्सेबल माना जाता है। यानी अगर आप टैक्स सेविंग को प्राथमिकता देते हैं, तो NSC इस मुकाबले में TD से कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।

निवेश की अवधि में किसे मिले ज्यादा विकल्प?

निवेश की अवधि यानी लॉक-इन पीरियड के मामले में पोस्ट ऑफिस TD और NSC के बीच बड़ा अंतर है। TD ज्यादा फ्लेक्सिबल विकल्प देता है। इसमें आप अपनी जरूरत के अनुसार 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि के लिए पैसा निवेश कर सकते हैं। यह सुविधा उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है जिन्हें कम समय के लिए सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न की जरूरत होती है। वहीं NSC में लॉक-इन पीरियड फिक्स होता है। आपको अपना पैसा 5 साल के लिए ही निवेश करना होता है। यानी अगर आप बीच में पैसा निकालना चाहें, तो ऐसा करना संभव नहीं है, जब तक कोई विशेष परिस्थिति (जैसे मृत्यु) न हो। इस लिहाज से देखा जाए, तो यदि आपकी निवेश अवधि कम है या आप फंड को जल्दी एक्सेस करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस TD ज्यादा बेहतर विकल्प साबित होता है।

ब्याज कैसे मिलता है?

पोस्ट ऑफिस TD में ब्याज की गणना तिमाही होती है, लेकिन इसका भुगतान सालाना किया जाता है। आप चाहें तो यह ब्याज अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में ले सकते हैं। NSC में ब्याज सालाना कंपाउंड होता है, लेकिन इसका भुगतान मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ ही किया जाता है। अगर आपको सालाना ब्याज के रूप में एक छोटी इनकम चाहिए, तो TD बेहतर है। अगर आप पैसे को बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं, तो NSC अच्छा है।

समय से पहले पैसा निकालना

पोस्ट ऑफिस TD को आप 6 महीने के बाद तुड़वा सकते हैं, लेकिन इस पर पेनल्टी लगती है। NSC को आमतौर पर 5 साल से पहले नहीं तुड़वाया जा सकता। सिर्फ निवेशक की मृत्यु या कोर्ट के आदेश जैसी विशेष परिस्थितियों में ही इसकी इजाजत है। लिक्विडिटी के मामले में TD थोड़ा सा बेहतर है, हालांकि पेनल्टी लगती है।

आपके लिए कौन है बेहतर?

अगर आपका मुख्य मकसद टैक्स बचाना है, आप 5 साल के लिए अपना पैसा लॉक करने को तैयार हैं, आपको बीच में रेगुलर इनकम की जरूरत नहीं है और आप भविष्य में इसके बदले लोन लेने का विकल्प रखना चाहते हैं, तो आपको NSC चुनना चाहिए। वहीं, अगर आप 1, 2 या 3 साल जैसे कम समय के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, टैक्स बचाने के लिए 5 साल की TD लेते हैं लेकिन NSC की तुलना में थोड़ी ज्यादा लिक्विडिटी चाहिए, और आपको अपने निवेश पर सालाना ब्याज की जरूरत है, तो पोस्ट ऑफिस TD आपके लिए बेहतर विकल्प है।

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