नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वैसे तो बैंक में सेविंग अकाउंट (Savings Accounts) और करंट अकाउंट खोले जाते हैं लेकिन इसमें आम लोगों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला अकाउंट सेविंग अकाउंट है। इसका संचालन ऐसे होता है कि अकाउंट होल्डर इस खाते में अपना पैसा जमा करते हैं जिसपर बैंक ब्याज देता है। यह ब्याज एक निश्चित दर पर महीने के आधार पर, तिमाही के आधार पर, छमाही के आधार पर और वार्षिक आधार पर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेविंग अकाउंट में भी कई प्रकार होते हैं।
रेगुलर सेविंग अकाउंट
यह वह खाता (Regular Savings accounts) होता है जो हम और आप अपनी जमा पूंजी रखने के लिए खुलवाते हैं। इस खाते को एक KYC की प्रक्रिया के बाद खोला जा सकता है। इस खाते में एक निश्चित जमा राशि को मेंटेन करना होता है जिसपर बैंक की ओर से एक निश्चित दर पर ब्याज भी दिया जाता है।
जीरो बैलेंस खाता
जीरों बैलेंस खाते (Zero Balance Accounts) की अहम बात यह है कि इस खाते को जीरो बैलेंस से खोला जा सकता है। इसके रख रखाव के लिए किसी भी तरह का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की जरुरत नहीं होती है। हालांकि इसका एक नेगेटिव पहलू यह है कि इन अकाउंट होल्डर्स को चेक बुक और कई अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती और ATM द्वारा पैसे निकालने की सीमा को भी लिमिटेड रखा जाता है।
फैमिली सेविंग अकाउंट
यह एक ऐसा खाता (Family Savings Accounts) होता है जिसका संचालन पूरा परिवार कर सकता है। यह एक ऐसी कॉमन आईडी के जरिए खोले जाते हैं जिसमें परिवार के सभी सदस्यों की पहचान समाहित होती है। इसमें परिवार का मतलब माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे, दादा-दादी, पोते-पोतियां से है। इस अकाउंट को पारिवारिक बचत संभालकर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।





