नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। COVID 19 पैनडेमिक ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। ये एक मुश्किल वक्त था, इस दौरान लोग अपने घरों की चार दीवारी में सिमट गए थे। लेकिन ये मुश्किल वक्त कुछ लोगों के लिए ब्लेसिंग इन डिस्गाइज़ बनकर आया। इन्हीं में से एक हैं मुंबई की रहने वाली प्रिया शर्मा। जिन्हें पैनडेमिक के दौरान अपने दादा के दस्तावेजों में लार्सन एंड टर्बो कंपनी (L&T) के 500 शेयर्स मिले।
स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर्स के बाद ये 500 शेयर्स अब 4500 शेयर्स बन चुके हैं और L&T के 6 अगस्त के शेयर प्राइज़ यानी 3597 रुपये के हिसाब से प्रिया के पास अब एक करोड़ 61 लाख रुपये से ज्यादा के शेयर्स हैं। यहां स्टॉक स्प्लिट से मतलब ये है कि कंपनियां एक अंतराल के बाद अपने एक शेयर को दो या तीन हिस्सों में बांट देती हैं। माने अगर आपके पास 10 रुपये का एक शेयर है तो कंपनी जब एक शेयर को दो हिस्सों में बांटेगी तो आपके पास 5-5 रुपये के दो शेयर्स हो जाएंगे। इसी तरह इनवेस्टर्स के पास जितने शेयर्स होते हैं, उसके आधार पर कंपनी उन्हें बोनस शेयर भी देती है।
आसान नहीं था शेयर्स अपने नाम ट्रांसफर करना
फर्स्ट पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिया को अपने दादा के रिकॉर्ड्स इकट्ठे करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने पहले इस संबंध में L&T को ईमेल भेजा। इसके बाद उन्हें कुछ सरकारी फॉर्मैलिटीज़ पूरी करने को कहा गया, जो कि आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने शेयर समाधान नाम की कंपनी की मदद ली। उन्होंने प्रिया के दादा के इनवेस्टमेंट का रिकॉर्ड निकालने में मदद की।
इसके बाद प्रिया के डॉक्यूमेंट्स, उनके दादा की वसीयत का कंपनी ने रिव्यू किया। इसके बाद प्रिया के लिए जरूरी था कि वो विल का प्रोबेट लें। यानी विल में लिखी सभी चीज़ों का वेरिफिकेशन और वैलिडेशन करें और उन्हें विल में लिखे व्यक्ति के नाम करें। इसके बाद, प्रिया के दादा के पेपरवर्क और शेयर सर्टिफिकेट में नाम अलग थे, उसके लिए एफिडेविट बनवाया गया।
इसके बाद प्रिया के एक दूर के रिश्तेदार की गैरंटी के बाद कंपनी के लोगों ने खुद जाकर वेरिफिकेशन किया। इसके बाद प्रिया को डुप्लिकेट शेयर सर्टिफिकेट जारी किए गए। इस पूरी प्रोसेस में लगभग एक साल का समय लग गया।
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