नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत और तुर्किए के बीच व्यापार लगातार कम हो रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘Boycott Turkey‘ ट्रेंड कर रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत पहले ही तुर्किए से व्यापार 63% तक घटा चुका है? DGCIS के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच भारत-तुर्किए के बीच व्यापार में भारी गिरावट आई है।
तुर्किए के पाकिस्तान को समर्थन से नाराज हैं लोग
तुर्किए और अजरबैजान द्वारा पाकिस्तान के समर्थन के बाद भारत में नाराजगी बढ़ी है। लोग इन देशों से आयात बंद करने और यात्रा न करने की अपील कर रहे हैं। EaseMyTrip जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने भी तुर्किए के लिए ऑफर्स बंद कर दिए हैं और यात्रा टालने की सलाह दी है।
2024-25 में कितना हुआ व्यापार?
भारत का तुर्किए को निर्यात (Export): 5.2 अरब डॉलर
भारत का तुर्किए से आयात (Import): 2.84 अरब डॉलर
तुर्किए का भारत के कुल निर्यात में हिस्सा: 1.5%
तुर्किए से आयात का हिस्सा: 0.5%
तुर्किए से आने वाले प्रमुख उत्पाद
भारतीय बाजार में तुर्किए के कई ब्रांड और उत्पाद पहले से मौजूद हैं,
फर्नीचर: Konfor Furniture
होम अप्लायंस: Beko, Arçelik, Vestel
खाद्य पदार्थ: Godiva, Ülker, Turkish Delight, Çaykur
फैशन ब्रांड्स: Trendyol, LC Waikiki, Mavi, DeFacto
स्किन केयर: Farmasi, Bioblas, Cosmed
अजरबैजान के साथ भी घटा व्यापार
अजरबैजान से व्यापार 16% तक घटा है। भारत ने 2024-25 में अजरबैजान को 86.07 मिलियन डॉलर का निर्यात किया है, और 1.93 अरब डॉलर का आयात किया है।
भारत और तुर्किए की GDP का फर्क
भारत की GDP 4.19 ट्रिलियन डॉलर तुर्किए की GDP 1.12 ट्रिलियन डॉलर भारत के मुकाबले तुर्किए की अर्थव्यवस्था काफी छोटी है, और यदि भारत में ‘बायकॉट’ की मुहिम बढ़ती है, तो इसका असर तुर्किए की GDP पर भी पड़ सकता है। हालांकि सोशल मीडिया पर अभी ‘Boycott Turkey’ की मांग जोर पकड़ रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत पहले ही तुर्किए के साथ व्यापार में काफी कटौती कर चुका है। अब देखना यह है कि आगे सरकार इस दिशा में कोई और बड़ा कदम उठाती है या नहीं।




