नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक संकल्प जारी कर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। यह जानकारी राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में दी। अधिसूचना गजट ऑफ इंडिया में प्रकाशित होने के साथ ही आयोग औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ गया है। यह कदम 7वें वेतन आयोग के लगभग दस वर्ष बाद उठाया गया है और इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारी, रक्षा कर्मी, ऑल इंडिया सर्विसेज अधिकारी और पेंशनभोगी सीधे प्रभावित होंगे।
कब से लागू होगा नया वेतन और कितना मिलेगा एरियर?
सरकार की ओर से संकेत हैं कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। हालांकि व्यावहारिक रूप से इसे 2027 में लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को 12 से 15 महीने तक का एरियर मिल सकता है। देरी की स्थिति में यह अवधि 15 से 20 महीने तक भी पहुंच सकती है। इसका अर्थ है कि जनवरी 2026 से लागू नई सैलरी और वर्तमान सैलरी के बीच का पूरा अंतर एकमुश्त भुगतान के रूप में दिया जाएगा। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच एरियर को लेकर उत्सुकता चरम पर है।
फिटमेंट फैक्टर और संभावित बढ़ोतरी का गणित
संभावना जताई जा रही है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.57 के आसपास रखा जा सकता है जैसा 7वें वेतन आयोग में था। इस आधार पर बेसिक सैलरी में 30 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि संभव मानी जा रही है। अनुमान के मुताबिक लेवल 1 के कर्मचारियों को करीब 3.60 लाख से 5.65 लाख रुपये तक एरियर मिल सकता है। लेवल 2 के कर्मचारियों के लिए यह राशि लगभग 3.98 लाख से 6.25 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं लेवल 4 के कर्मचारियों को 5.10 लाख से 8.01 लाख रुपये तक एरियर मिलने की संभावना है। हालांकि यह सभी आंकड़े संभावित गणना पर आधारित हैं और अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों तथा सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
एरियर की गणना कैसे होगी?
एरियर निकालने का तरीका सीधा है। पहले पुरानी बेसिक सैलरी और नई प्रस्तावित बेसिक सैलरी के बीच का अंतर निकाला जाएगा। इसके बाद उस अंतर को लागू होने तक के कुल महीनों से गुणा किया जाएगा। इसके साथ महंगाई भत्ता भी जुड़ता है क्योंकि डीए बेसिक सैलरी पर आधारित होता है। नई बेसिक बढ़ने पर डीए की राशि भी बढ़ेगी और यही अतिरिक्त अंतर एरियर में शामिल होगा। इस तरह कर्मचारियों को न केवल मूल वेतन का अंतर मिलेगा बल्कि डीए में हुई बढ़ोतरी का लाभ भी एक साथ प्राप्त होगा।
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत
बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत के बीच लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग की जा रही थी। 8वें वेतन आयोग का गठन इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अभी आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने और सरकार को सौंपने में समय लगेगा लेकिन प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीदों को मजबूती मिली है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आयोग अपनी रिपोर्ट कब तक देता है और सरकार उसे किस तारीख से लागू करती है। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो 2027 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद अहम वर्ष साबित हो सकता है।





