नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 28 जनवरी 2026 का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। बारामती में लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। उनके जाने से राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। अजित पवार न सिर्फ अपने कड़े फैसलों और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते थे, बल्कि वे अपनी भारी-भरकम संपत्ति को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहे।
124.55 करोड़ रुपये से ज्यादा थी कुल संपत्ति
चुनाव आयोग को दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक, अजित पवार की कुल संपत्ति 124.55 करोड़ रुपये से अधिक थी। इसमें चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल थीं। पिछले पांच वर्षों में उनकी संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
5 साल में 50 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी
हलफनामे के अनुसार, 2019 में अजित पवार की कुल संपत्ति करीब 75 करोड़ रुपये थी 2024-25 तक यह बढ़कर 124 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। इतनी तेजी से संपत्ति बढ़ना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा चर्चा का विषय रहा। अजित पवार की चल संपत्ति करीब 26.60 करोड़ रुपये थी। बैंक खातों में जमा राशि और कैश में करीब 6.81 करोड़ रुपये शेयर हैं। बॉन्ड और म्यूचुअल फंड्स में करोड़ों का निवेश किया हुआ है। उन्होंने शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश किया हुआ था।
जमीन और मकान में बड़ा निवेश
अजित पवार की अचल संपत्ति की कुल कीमत लगभग 97.94 करोड़ रुपये बताई गई। उनके पास बारामती, पुणे, कटेवाड़ी जैसे इलाकों में कृषि और गैर-कृषि भूमि थी। खेती को उन्होंने सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आय का जरिया बनाया था। अजित पवार ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कृषि भूमि और कमर्शियल रियल एस्टेट में लगाया था। खेती से होने वाली आमदनी ने उनकी आर्थिक स्थिति को लगातार मजबूत बनाए रखा।
लग्जरी गाड़ियां और ट्रैक्टर भी शामिल
अजित पवार की संपत्ति में गाड़ियों का भी खास स्थान था। उनके पास टोयोटा कैमरी, होंडा CR-V, होंडा एकॉर्ड जैसी लग्जरी कारें थीं। साथ ही खेती से जुड़े तीन ट्रेलर और एक ट्रैक्टर भी उनके नाम दर्ज थे। इतनी बड़ी संपत्ति के बावजूद अजित पवार पर करीब 21.39 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। इसमें निजी और बैंक से लिया गया व्यावसायिक कर्ज शामिल था। हालांकि उनकी आय के मुकाबले यह कर्ज संतुलित माना जाता था। अजित पवार ने अपने हलफनामे में बताया था कि उनकी आय के मुख्य स्रोत खेती और व्यवसाय हैं। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने आर्थिक रूप से भी खुद को मजबूत बनाए रखा।





