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मुरैना में उद्यानिकी की फसलों से पांच गुना फायदा

मुरैना, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कई गांव में किसानों के लिए उद्यानिकी की फसलें फायदे का सौदा साबित हो रही हैं। यहां के किसानों ने इस फसल से पांच गुना तक फायदा कमाया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से जौरा जनपद की कई ग्राम पंचायतों के 60 से अधिक किसानों को उद्यानिकी फसलों के लेने से पांच गुना मुनाफा हुआ है, जिससे उनके आर्थिक सामाजिक जीवन में बेहद बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्व कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोशन कुमार सिंह के द्वारा लगभग आठ माह पहले इन किसानों को परम्परागत खेती से हटकर मनरेगा से नंदन फलोधान से जोड़ने की प्लानिंग की गई थी। इसके जौरा जनपद पंचायत के कई ग्रामों के 60 से अधिक किसानों को उद्यानिकी विभाग द्वारा चिन्हांकित करके उनके परंपरागत खेती सरसों, गेहूं की खेती को छुड़ाकर अधिक आय एवं मुनाफा वाली फल आधारित फसल करने के लिए तैयार किया गया है। इस सूची के बाद जनपदों के सीईओ ने मनरेगा योजना से इन किसानों को लाभ दिया और समय-समय पर उनके भुगतान का विशेष ध्यान रखा। प्रशासन की कोशिशों का ही नतीजा रहा है कि अब जनपद जौरा के अंतर्गत आने वाले किसानों को हुए फायदे से अब उनके चेहरे पर खुशी देखने को मिलती है। एक साल पहले जौरा जनपद के नरेला पंचायत के किसान पुन्ना के पुत्र सरदार द्वारा सरसो की फसल उगाई जाती थी, इनका कहना है कि सरसो की फसल हम किसान साल में एक बार ले पाते थे और मेहनत ज्यादा लगती थी, लेकिन जब हमें नंदन फलोधन की योजना का पता चला और हमने इसके तहत अपने खेत में मौसमी की फसल की बोआई भी साल में दो बार की, तो हमें पांच गुना ज्यादा मुनाफा हुआ। जहां एक बीघा में सरसो 50 हजार रुपए की होती थी। वहीं मौसम्मी चार से पांच लाख रुपए की हो चुकी। बताया गया है कि उद्यानिकी से हुए फायदे के चलते इन किसानों को देखते हुए अन्य किसान भी अब जनपद में आकर इस योजना का लाभ उठाने की बारे में चर्चा करने लगे हैं। इससे न केवल नरेला के किसानों का जीवन स्तर ऊपर उठा है बल्कि आर्थिक,सामाजिकरूप से संपन्न भी हुए हैं। इसी प्रकार जौरा के नरेला, मुंद्राबजा, बागचीनी, हड़वासी आदि पंचायतों के किसानों ने भी नंदन फलोधान योजना का लाभ लिया है। –आईएएनएस एसएनपी/एएनएम

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