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Saturday, April 4, 2026
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हेल्थ स्टार्टअप्स ने भारत के सेकेंडरी केयर सर्जरी मार्केट का लाभ उठाया

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने भारत में स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ देश में सेकेंडरी केयर सर्जरी बाजार में तेजी ला दी है। सर्जरी स्वास्थ्य देखभाल खर्च और सेकेंडरी केयर सर्जरी के साथ बढ़ते बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा है। प्रिस्टिन केयर, प्रैक्टो और मिरास्केयर जैसे हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने ऐसे तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं, जो सस्ते दामों पर डॉक्टरों, ग्राहकों और अस्पतालों को जोड़ते हैं। ये स्टार्टअप ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श प्रदान करते हैं और उसके बाद यदि आवश्यक हो तो देशभर के छोटे अस्पतालों में हर्निया, बवासीर, पित्त पथरी आदि जैसी बीमारियों के लिए गैर-महत्वपूर्ण न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की जरूरत होती है, जो महानगरों के बड़े अस्पतालों की तुलना में कम क्षमता पर चलते हैं। प्रिस्टिन केयर, जो जनवरी 2021 से लगभग पांच गुना बढ़ चुका है, इस क्षेत्र में अग्रणी है। इसमें 80 से अधिक क्लीनिकों, 400 से अधिक साझेदार अस्पतालों और 140 से अधिक इन-हाउस सुपर स्पेशियलिटी सर्जनों का एक पारिस्थितिकी तंत्र है। यह देशभर के 22 से अधिक शहरों में काम करता है। हाल ही में एक प्रवेशी, मिरास्केयर क्लीनिक एंड सेंटर भी उन्नत सामान्य, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और प्रोक्टोलॉजी में उपचार की एक सीरीज प्रदान करता है। मिरास्केयर के एक प्रवक्ता ने कहा, विशेषज्ञ देखभाल के अलावा, मिरास्केयर और इस तरह के स्टार्टअप की यूएसपी अल्ट्रा-मॉडर्न सुविधाएं हैं, जो प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर डॉक्टरों, ग्राहकों और अस्पतालों को जोड़ती हैं। बेंगलुरु स्थित स्वास्थ्य मंच प्रैक्टो ने भारत में माध्यमिक देखभाल में अपने प्रवेश को चिह्न्ति करते हुए छह स्थानों (बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद और अहमदाबाद) में 50 से अधिक प्रैक्टो केयर सर्जरी अनुभव केंद्र शुरू किए हैं। बड़े अस्पताल में भर्ती के बिना न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, जिसे छोटे/मध्यम आकार की इकाइयों में प्रमुख अस्पताल सीरीज के बाहर कुशल सर्जनों द्वारा आसानी से किया जा सकता है, भारत में लगभग 80 अरब डॉलर का बाजार बनने की ओर अग्रसर है। पूरे भारत में 2,000 बड़े आकार के अस्पताल या कॉर्पोरेट चेन और लगभग 20,000 छोटे से मध्यम आकार के अस्पतालों में पहले से ही ऐसी सुविधाएं हैं। हेल्थकेयर स्टार्टअप अपनी ओटी क्षमताओं को अनुकूलित करने वाले अस्पतालों के लिए जीत की स्थिति बनाकर इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं। साथ ही, रोगियों को व्यक्तिगत चिकित्सा ध्यान के साथ सस्ती सर्जिकल खर्चो की तलाश में मदद कर रहे हैं और ऐसे कुशल व्यक्तिगत सर्जन की भी मदद कर रहे हैं, जो बीमा और संचालन से संबंधित उपरी खर्च बिना जोड़े मासिक सर्जरी की स्थिर संख्या की तलाश में हैं। –आईएएनएस एसजीके

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