नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार ने इकोनॉमी के मोर्चे पर देश को एक बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 की तिमाही के लिए GDP के आंकडे जारी कर दिए हैं। जारी की गई तिमाही में भारत की विकास दर 6.2 फीसदी रही है। दूसरी तिमाही की तुलना में GDP की ग्रोथ रेट ने काफी वृद्धि की है। जबकि तीसरी तिमाही की तुलना में से 0.1 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है।
GDP में उछाल की क्या वजह रही
जीडीपी ग्रोथ में आए उछाल के कई कारण रहे। दरअसल मानसून का अच्छा खासा सीजन रहा जिसके बाद ग्रामीण डिमांड, बुनियादी ढाचें में सरकारी खर्च का बढ़ना त्योहारी सीजन को दौरान कंजप्शन फोकस सेक्टर में सुधार आए जिसकी वजह से परिणामस्वरूप जीडीपी में उछाल दर्ज किया गया। हालांकि पिछले साल की इसी तिमाही की मौजूदा तिमाही से तुलना की जाए तो थोड़ी निराशा जरूर सामने आती है। पिछले साल यह तिमाही की दर 8.6 प्रतिशत रही थी जबकि इस बार 6.2 प्रतिशत है। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार अब जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5% रहने का अनुमान लगा रही है, जो पहले के 6.4% के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है।
6.3 प्रतिशत के उछाल का जताया था अनुमान
सरकार के अनुमान के हिसाब से तीसरी तिमाही की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान था लेकिन यह 6.2 प्रतिशत ही रही। लेकिन तिमाहियों की लगातार चली आ रही कड़ी को देखें तो देश की विकास दर रफ्तार से दौड़ रही है। सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 5.4 फीसदी पर थी. जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान इकोनॉमी में स्लोडाउन देखने को मिला था. जो सात तिमाहियों में सबसे धीमी थी। लेकिन धीरे धीरे स्थिति अब सुधार की ओर बढ़ रही है।




