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Friday, March 13, 2026
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RBI Data: देश में घटा सोने का भंडार, विदेशी मुद्रा भंडार में 1,13,691 करोड़ की गिरावट, ताजा आंकड़ों ने चौंकाया

RBI Weekly Data:देश की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) में भारी गिरावट आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) में भारी गिरावट आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए हैं। इनके मुताबिक 6 अक्टूबर को खत्म हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.166 अरब डॉलर यानी 14828 करोड़ रुपए की कमी आई है। गिरावट से देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 584.742 अरब डॉलर यानी 48 लाख 67 हजार 956 करोड़ रह गया। फॉरेन करेंसी एसेट्स (foreign currency assets) और गोल्ड रिजर्व (gold reserve) में आई कमी फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट का प्रमुख कारण है।

29 सितंबर को में 3.79 अरब डॉलर घटा था फॉरेक्स रिजर्व

29 सितंबर 2023 को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 586.908 अरब डॉलर था। वैसे, उस हफ्ते के दौरान फॉरेक्स रिजर्व में 3.794 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज हुई थी। आरबीआई की साप्ताहिक रिपोर्ट (Weekly Statistical Supplement) के अनुसार 6 अक्टूबर को खत्म सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा एसेट्स (FCAs) 70.7 करोड़ डॉलर यानी 3057 करोड़ घटकर 519.53 अरब डॉलर यानी 43 लाख 25 हजार 067 करोड़ रह गए। इस दौरान रिजर्व बैंक के पास मौजूद सोने के भंडार (Gold Reserve) में 142.5 करोड़ डॉलर यानी 11624 करोड़ की गिरावट आई। यह भंडार 4230.6 करोड़ डॉलर यानी 3.522 लाख करोड़ रह गया।

अक्टूबर 2021 के बाद से गिरावट

इस वित्त वर्ष में अब तक विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखें तो कुल फॉरेक्स रिजर्व 629.2 करोड़ डॉलर यानी 1,13,691 करोड़ घटा है। एक साल में इसमें 5187.3 करोड़ डॉलर यानी 4 लाख 81 हजार 20 करोड़ की कमी आई है। अब से दो साल पहले यानी अक्टूबर 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 645 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था, लेकिन उसके बाद से इसमें आम तौर पर ज्यादातर वक्त गिरावट आई है।

RBI करता है समय-समय पर विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की बड़ी वजह भारतीय रुपए को अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने टिकाए रखने के लिए रिजर्व बैंक को समय-समय पर विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके लिए रिजर्व बैंक जरूरत के अनुसार बाजार में डॉलर बेचता है, ताकि रुपए को तेज गिरावट से बचाया जा सके। भारतीय मुद्रा की मजबूती के लिए रिजर्व बैंक इस तरह का हस्तक्षेप पहले से तय फॉर्मूले या लेवल के आधार पर नहीं करता, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर ऐसे फैसले करता है।

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