नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है, जबकि पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहने के बावजूद कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार बना हुआ है। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के चलते ग्लोबल बाजारों में अस्थिरता का असर भारत पर भी दिख रहा है।
दिल्ली में सोना ₹1.53 लाख के पार
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर ₹1,53,850 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,41,040 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,53,700 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि चेन्नई में यह ₹1,55,250 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट
देश के अन्य बड़े शहरों जैसे लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ में भी सोने की कीमतें लगभग दिल्ली के समान स्तर पर बनी हुई हैं। अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट सोना ₹1,54,480 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
पेट्रोल ₹100 के पार, दाम स्थिर
देश में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कई महानगरों में पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में यह ₹103.54 प्रति लीटर पहुंच गया है। कोलकाता में ₹105.45 और चेन्नई में ₹100.80 प्रति लीटर दर्ज किया गया।
डीजल के दाम भी ऊंचे
डीजल की कीमतें भी स्थिर हैं, लेकिन कई शहरों में यह ₹90 प्रति लीटर के आसपास या उससे अधिक बनी हुई हैं। दिल्ली में डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर दर्ज किया गया। चेन्नई और कोलकाता में डीजल ₹92 प्रति लीटर के करीब है।
ग्लोबल बाजार में उथल-पुथल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड $106 प्रति बैरल के ऊपर और अमेरिकी क्रूड करीब $95 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। मिडिल-ईस्ट में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
चांदी में उतार-चढ़ाव
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज चांदी ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है, हालांकि पिछले दिन इसमें तेजी दर्ज की गई थी। सोने की बढ़ती कीमतें और पेट्रोल-डीजल के ऊंचे दाम आम लोगों के बजट पर असर डाल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।




