नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कल 14 फरवरी को मुंबई के अंधेरी में New India Co-operative Bank के बाहर लंबी लंबी लाइनें लगी गई थी। इसका कारण था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बैंक पर 6 महीने के लिए रोक लगा दी है। ग्राहक 6 महीनें तक इस बैंक में न तो अपना पैसा जमा कर पाएंगे और न ही निकाल पाएंगे। RBI ने इसके पीछे बैंक के द्वारा बरती जा रही अनियमितता को कारण बताया था। हालांकि अब खबर सामने आ रही है कि बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर ने 122 करोड़ रुपये का घोटाला किया जिसके बाद बैंक पर कार्यवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक यह घोटाला साल 2020 से 2025 के बीच हुआ है। दादर पुलिस ने चीफ अकाउंट्स ऑफिसर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
122 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
इस मामले में बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर हितेश प्रवीणचंद मेहता पर 122 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा रहा है। उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए दादर और गोरोगांव ब्रांच से 122 करोड़ रुपये का गबन किया है। बैंक के चीफ अकाउंट्स ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी जिसपर पुलिस ने (BNS) की धारा 316 (5) और 61 (2) को तहत FIR दर्ज कर ली है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने हितेश मेहता को समन किया है। पुलिस को शक है कि इसमें हितेश के अलावा एक दूसरा व्यक्ति भी इसमें शामिल है।
शुक्रवार को बैंक के बाहर लगी थी लंबी लंबी लाइनें
शुक्रवार को जब यह खबर बैंक के ग्राहकों को मिली तो उन्होंने आनन फानन में बैंक का रुख किया। ग्राहक अपना पैसा निकालने के लिए पहुंचे थे लेकिन बैंककर्मियों ने RBI आदेश का हवाला देते हुए जमा राशि निकालने से रोक दिया। हालांकि उनकी ओर से यह साफ कर दिया गया था कि ग्राहक अपने लॉकर को एक्सेस कर पाएंगे। वहां मौजूद ग्राहक इस फैसले से नाखुश दिखे और बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यवाई करने पर गुस्सा जाहिर किया।





