लखनऊ, 8 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में गंगा नदी के तट पर जैविक क्लस्टर खेती से न केवल कृषि लागत में कमी आई है, बल्कि कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है। साथ ही पर्यावरण भी शुद्ध हुआ है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस संबंध में प्रदेश के 11 जिलों में सघन अभियान चलाया है। इन 11 जिलों में स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा नदी के दोनों किनारों पर जैविक खेती भी की जा रही है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार सरकार की इस परियोजना के तहत बिजनौर से बलिया तक गंगा नदी के किनारे स्थित 11 जिलों के 21,142 किसानों ने 14,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 700 जैविक क्लस्टर बनाए हैं। इन समूहों में शामिल किसानों ने खरीफ 2020 और रबी 2020-21 सीजन में जैविक विधि से विभिन्न फसलें उगाई हैं। बलिया के एक किसान कामता ने कहा कि उन्हें जैविक उत्पादों को उगाने, काटने और पैक करने में सरकार की ओर से हर तरह की सहायता मिली और उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिला। इन उत्पादों को विभिन्न अवसरों पर आयोजित मेलों, प्रदर्शनियों और संगोष्ठियों के स्टालों में प्रदर्शित किया गया था। किसान अब तक इस परियोजना से 2.76 करोड़ रुपये के जैविक उत्पाद बेच चुके हैं। तीन साल के इस प्रोजेक्ट की पहले साल में ही सफलता को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही इस प्रोजेक्ट का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी कर रही है। कुल 71.40 करोड़ रुपये की परियोजना लागत में से 21.05 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने किसानों की आय को दुगना करने के लिए कई सुविधाएं सृजित की हैं जिनमें जैविक खेती को बढ़ावा देना, लाभकारी फसलों को अपनाना और कृषि पद्धतियों में विविधता लाना शामिल है। –आईएएनएस आरएचए/आरजेएस





