नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने झटका देते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नई दरें मंगलवार से लागू होंगी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के चलते सोमवार की सुबह शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। शेयर बाजार में सेंसेक्स 3 हजार पॉइंट से ज्यादा गिर गया। इसके अलावा LPG गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके दाम में 50 रुपये बढ़ाए गए हैं।
बढ़ी हुई कीमतों का असर जेब पर पड़ेगा
सरकार के इस फैसले के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें और महंगी हो जाएंगी। फिलहाल देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में यह 104.21 रुपये, कोलकाता में 103.94 रुपये और चेन्नई में 100.75 रुपये प्रति लीटर है। इन कीमतों में अब 2 रुपये प्रति लीटर की और बढ़ोतरी होगी। जबकि सिलेंडर की खरीद पर भी 50 रुपये ज्यादा देने होंगे। अब 853 रुपये में मिलेगा सिलेंडर।
क्या होती है एक्साइज ड्यूटी?
एक्साइज ड्यूटी वह टैक्स है जो केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों पर लगाती है। यह टैक्स पेट्रोल-डीजल की कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा होता है। अभी तक पेट्रोल पर 19.90 रुपये और डीजल पर करीब 15.80 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूली जा रही थी, जो अब बढ़कर 21.90 और 17.80 रुपये हो जाएगी।
2014 से अब तक कितना बढ़ा टैक्स?
2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपये और डीजल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर थी। लेकिन धीरे-धीरे सरकार ने इसमें कई बार बढ़ोतरी की। 2021 में यह दरें पेट्रोल के लिए ₹27.90 और डीजल के लिए ₹21.80 प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। मई 2022 में सरकार ने इसमें थोड़ी राहत दी और पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये की कटौती की।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कैसे बनता है रेट?
भारत में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस लगभग 32 रुपये प्रति लीटर होता है। इस पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है और फिर राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं। इन सभी टैक्सों के बाद ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल तीन गुना कीमत पर मिलता है।





