नई दिल्ली, रफ्तार। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला एवं स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने कहा है कि ‘वोक माइंड वायरस’ ने उनके बेटे जेवियर को ‘मार डाला’। एक इंटरव्यू में मस्क ने कहा कि उन्हें बेटे के लिए जेंडर-अफर्मिंग केयर प्रक्रियाओं के लिए सहमति देने के लिए ‘धोखा’ मिला था। उन्होंने इसे ‘बच्चे का उत्पीड़न और नसबंदी’ करार दे दिया। बता दें, मस्क ने जिस ‘वोक माइंड वायरस’ का जिक्र किया है, उसमें ‘वोक’ (Woke) का मतलब समाज में नस्लीय भेदभाव से है। ‘ब्लैक’ समुदाय ने सबसे पहले ‘वोक’ (Woke) शब्द का इस्तेमाल नस्लीय भेदभाव के विरुद्ध किया था। टेस्ला सीईओ ने कहा कि उनके बेटे, जो अब विवियन जेना विल्सन नाम से जाने जाते हैं के साथ उनके अनुभव ने उनकी आंखें “वोक माइंड वायरस” के प्रति खोल दीं। उन्होंने उसे और पेटर्सन ने बुराई माना है।
दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए मुझे धोखा दिया गया: मस्क
मस्क ने कहा कि यह मेरे बड़े बेटे के साथ हुआ, जहां मुझे अनिवार्य रूप से बेटे के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने को धोखा दिया गया था। यह उस वक्त, जब मुझे समझ तक नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है? कोरोना काल था, इसलिए बहुत सारे भ्रम थे। मुझे बताया गया था कि जेवियर ने ऐसा नहीं किया तो वह आत्महत्या कर सकता है।
मैंने बेटे को खो दिया
मस्क का कहना है कि यह प्रक्रिया “सहमति की उम्र से बहुत कम उम्र के बच्चों के साथ की जाती है। जो कोई भी इस प्रथा को बढ़ावा देता है, उसे जेल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा करने के लिए धोखा दिया गया था। मैंने अनिवार्य रूप से बेटे को खो दिया। मस्क इसे ‘डेडनेमिंग’ कहते हैं।
‘वोके माइंड वायरस’ को नष्ट करने की खाई थी कसम
मस्क ने ‘डेडनेमिंग’ के बारे में बात की। उसका अर्थ एक ट्रांसजेंडर या गैर-द्विआधारी व्यक्ति को उस नाम से दर्शना है। उन्होंने उसका उपयोग संक्रमण से पहले किया था। यह ट्रांसजेंडर लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह उत्पीड़न एवं भेदभाव का कारण है। मस्क ने बच्चे के संक्रमण पर कहा कि मैंने उसके बाद ‘वोके माइंड वायरस’ को नष्ट करने की कसम खाई थी।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




