नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GST सुधारों का बड़ा ऐलान किया है। सरकार अब मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) की जगह टू-टियर स्ट्रक्चर लाने की तैयारी कर रही है। खासकर 28% टैक्स स्लैब को खत्म करने और महंगे सामान पर जीएसटी घटाने से जनता को राहत मिलेगी और खपत (Consumption) में तेजी आएगी।
क्या बदलेगा GST में?
28% स्लैब खत्म कर टैक्स घटाने पर विचार किया जा रहा है। तंबाकू, पान मसाला और जुए जैसे सिन गुड्स पर 40% तक जीएसटी। कई सामान 12% से घटकर 5% स्लैब में आ सकते हैं। बीमा और हेल्थ सर्विसेज पर भी टैक्स कम करने की तैयारी है। किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
ऑटोमोबाइल सेक्टर
पैसेंजर और टू-व्हीलर वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% होने की उम्मीद है। मारुति, टाटा, हीरो, टीवीएस और आयशर जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा। होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स AC, फ्रिज और अन्य व्हाइट गुड्स की कीमत घटेगी। वोल्टास और हैवेल्स जैसी कंपनियों की डिमांड बढ़ेगी। सीमेंट और रियल एस्टेट सीमेंट पर टैक्स 28% से घटकर 18% होने पर कीमतें 7-8% तक कम हो सकती हैं। घर बनाने की लागत कम होगी, रियल एस्टेट डेवलपर्स का मार्जिन बढ़ेगा। किन प्रोडक्ट्स पर दाम कम हो सकते हैं? दूध, पैकेज्ड जूस, बोतलबंद पानी और स्नैक्स जैसे फूड आइटम्स। आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स पर भी टैक्स कम होने की संभावना, जिससे डाबर और इमामी जैसी कंपनियों को फायदा होगा।
बीमा और हेल्थ पर भी राहत?
टर्म इंश्योरेंस पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने की तैयारी। हेल्थ इंश्योरेंस सस्ता होने से आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि टैक्स घटाने से सरकार को 20,000–25,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू नुकसान हो सकता है। लेकिन दूसरी तरफ खपत और निवेश बढ़ने से इकोनॉमी मजबूत होगी। कुल मिलाकर, मोदी सरकार का यह फैसला “कम टैक्स, ज्यादा खपत” वाली रणनीति पर आधारित है, जिससे अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।





