नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। देश में घरेलू हवाई यात्रा एक बार फिर महंगी होने जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किराये की लोअर लिमिट में 13 से 16 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया है। रुपये के संदर्भ में न्यूनतम किराये में 300 से लेकर 1,100 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। किराये में बढ़ोतरी 1 जून से अमल में आ जाएगी। अभी हवाई किराये के अधिकतम किराये के स्तर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके पहले फरवरी के महीने में भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक आदेश जारी करके घरेलू हवाई सफर के न्यूनतम किराये में 10 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी। माना जा रहा है कि न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी करने के सरकार के इस कदम से घरेलू उड़ान सेवा का संचालन करने वाली एयरलाइन कंपनियों को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि पिछले 1 साल से कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए प्रतिबंधों से हवाई यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है। जिसकी वजह से एयरलाइन कंपनियों की कमाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 40 मिनट से कम की हवाई यात्रा के न्यूनतम किराये को 2,300 रुपये से बढ़ाकर 2,600 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 40 मिनट से 60 मिनट तक की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 2,900 से बढ़ाकर 3,300 रुपये, 60 मिनट से 90 मिनट तक की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 3,500 से बढ़ाकर 4,000 रुपये, 90 से 120 मिनट की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 4,100 बढ़ाकर 4,700 रुपये, 120 से 150 मिनट तक की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 5,300 से बढ़ाकर 6,100 रुपये, 150 से 180 मिनट तक की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 6,400 से बढ़ाकर 7,400 रुपये और 180 से 210 मिनट तक की हवाई यात्रा के लिए न्यूनतम किराये को 7,600 से बढ़ाकर 8,700 रुपये कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 2020 में पहली बार लॉकडाउन लगने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। बाद में मई 2020 में सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की शर्त पर घरेलू उड़ानों को सफर करने की इजाजत दी थी। सरकार के आदेश में साफ किया गया था की कोरोना के खतरे को देखते हुए हवाई जहाज को पूरी क्षमता के साथ उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने यात्री किराये के लिए अपर और लोअर लिमिट (अधिकतम और न्यूनतम किराया) की भी घोषणा कर दी थी। सरकार के इस आदेश के कारण देश में संचालित होने वाली सभी एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। माना जा रहा है कि सरकार के इस न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी करने के फैसले के बाद घरेलू विमानन कंपनियों को काफी हद तक राहत मिल सकेगी। हिन्दुस्थान समाचार/ योगिता




