नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। दिल्ली के LG वीके सक्सेना ने हाल ही में वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने सुझाव दिया है कि गाडियों के इंश्योरेंस प्रीमियम और उन गाड़ियों के द्वार तोड़े गए यातायात नियमों के बीच एकात्मक संबंध स्थापित करने की बात रखी है। उन्होंने कहा कि 70 फीसदी हादसें ओवर स्पीडिंग की वजह से होते हैं। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के गाड़ियों के प्रीमियम को मंहगा कर दिया जाए।
ओवर स्पीडिंग के कारण लोग गंवा रहे हैं जान
LG वीके सक्सेना ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी के माध्यम से यह भी कहा कि कुल हादसों के 70 फीसदी हादसे केवल एक दूसरे से आगे निकलने की दौड़ के कारण होते हैं। इन हादसों में क्लीन ड्राईविंग करने वालों को रैश ड्राईविंग करने वालों की तुलना में ज्यादा जान से हाथ धोना पड़ता है। उन्होंने आंकड़ा देते हुए बताया कि सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार साल 2022 में भारत में 4.37 लाख हादसे हुए जिसमें 1.55 लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
इन गाड़ियों के प्रीमियम मे हो सकती है बढ़ोतरी
एलजी वीके सक्सेना ने यह भी कहा कि जो वाहन चालक नियमों का बार बार उल्लंघन करता है चाहे वह हिट एंड रन हो, रेड लाइट जंपिंग हो या ओवर स्पीडिंग हो, ऐसे वाहन चालकों को सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय के VAHAN डेटाबेस में नामजद कर उनके लिए उनकी गाड़ी के प्रीमियम को महंगा कर देना चाहिए। उन्होंने इन नियम के अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में लागू होने का भी हवाला दिया है।





