नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 50 पैसे और 1 रुपये के सिक्कों को लेकर फैले भ्रम पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। आरबीआई ने कहा है कि 50 पैसे और 1 रुपये के सिक्के, ठीक वैसे ही वैध हैं जैसे 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के। इन्हें न तो बंद किया गया है और न ही इनकी वैधता समाप्त हुई है। केंद्रीय बैंक ने आम लोगों, दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इन सिक्कों को भुगतान के रूप में बिना किसी हिचक के स्वीकार करें।
लोगों में क्यों बना संदेह?
दरअसल, बीते कुछ समय से देश के कई हिस्सों से शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानदार और सेवा प्रदाता 50 पैसे और 1 रुपये के सिक्के लेने से मना कर रहे हैं। कई लोग यह मान बैठे थे कि ये सिक्के अब चलन से बाहर हो चुके हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए आरबीआई ने जागरूकता अभियान शुरू किया है और मोबाइल मैसेज व अन्य माध्यमों से लोगों को सही जानकारी दी जा रही है।
रिजर्व बैंक का जागरूकता अभियान
आरबीआई लगातार लोगों को संदेश भेजकर बता रहा है कि सभी मूल्यवर्ग के सिक्के0-50 पैसे, 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये- पूरी तरह वैध मुद्रा हैं। बैंक का कहना है कि किसी भी नागरिक या दुकानदार को इन सिक्कों को लेने से इनकार नहीं करना चाहिए। ऐसा करना नियमों के खिलाफ है और इससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी होती है।
डिजाइन अलग, लेकिन वैधता एक जैसी
आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि कई बार अलग-अलग डिजाइन के सिक्कों को देखकर लोग भ्रमित हो जाते हैं। खासकर 10 रुपये के सिक्कों को लेकर यह गलतफहमी ज्यादा देखने को मिलती है। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट कहा है कि एक ही मूल्यवर्ग के सिक्के अलग-अलग डिजाइन में जारी किए जाते हैं और सभी डिजाइन के सिक्के साथ-साथ प्रचलन में रहते हैं। डिजाइन बदलने का मतलब यह नहीं है कि पुराना सिक्का अमान्य हो गया।
अफवाहों से बचने की अपील
केंद्रीय बैंक ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिक्कों को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। 50 पैसे और 1 रुपये के सिक्के आज भी वैध हैं और कानूनी रूप से भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन्हें स्वीकार करना हर नागरिक और व्यापारी की जिम्मेदारी है।
अगर आपके पास 50 पैसे या 1 रुपये के सिक्के हैं, तो निश्चिंत रहें। ये बंद नहीं हुए हैं और पूरी तरह मान्य मुद्रा हैं। आरबीआई का साफ संदेश है—बेझिझक इनका इस्तेमाल करें और दूसरों को भी इनके बारे में सही जानकारी दें, ताकि लेन-देन में किसी तरह की परेशानी न हो।





