नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में फरवरी के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ महीनों से जारी गिरावट के कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो पर लगातार दबाव बना हुआ है।
कैसा रहा बाजार का हाल?
आज, 28 फरवरी को शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। प्री-ओपनिंग सेशन में ही बाजार पर दबाव दिखा, जिसके बाद सेंसेक्स 410.66 अंक गिरकर 74,201.77 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 भी 111.65 अंक लुढ़ककर 22,433.40 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सेंसेक्स 753.11 अंक (1.01%) की गिरावट के साथ 73,859.32 पर और निफ्टी 228.35 अंक (1.01%) गिरकर 22,316.70 पर ट्रेड कर रहा था।
गिरावट की बड़ी वजहें
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं,अमेरिका का टैरिफ फैसलाअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से आयात पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के चलते वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली से भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इससे बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर हो गई है। भारत की तीसरी तिमाही (Q3) जीडीपी डेटाजल्द ही देश की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होने वाले हैं। इन आंकड़ों को लेकर निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
शेयर बाजार में इस गिरावट के बीच निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक बाजार में ठहराव बनाए रखें और जल्दबाजी में फैसले न लें। जिन शेयरों की मौलिक स्थिति मजबूत है, उन पर फोकस बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों की अहम भूमिका होगी।




