नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर लोग हर तरह के पेमेंट्स के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार जब सामान लेने के लिए किसी और को भेजते हैं तब दिक्कत आती है, तब या तो कैश देकर भेजना पड़ता है या फिर वहां से स्कैनर मंगवाना पड़ता है, जल्द ही इस समस्या का समाधान आने वाला है।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 8 अगस्त को ऐलान किया कि UPI पेमेंट को और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि UPI के लिए डेलिगेटेड पेमेंट की सुविधा शुरू की जाएगी।
क्या है delegated payments in UPI?
डेलिगेटेड पेमेंट इन UPI का मतलब है कि अपने UPI से पेमेंट के लिए आप किसी और को डेलिगेट कर सकते हैं। किसी काम को डेलिगेट करने का मतलब होता है कि आप अपना वो काम किसी और से करवा सकते हैं। लेकिन UPI के जरिए पैसों के लेन- देन को अभी आप किसी और से नहीं करवा सकते हैं। जल्द ही इस सुविधा से आप अपने UPI ऐप के जरिए अपने पार्टनर, बच्चों या किसी करीबी दोस्त को अपने फोन से पेमेंट करने का अधिकार दे सकते हैं। इसका कंट्रोल आपके हाथ में रहेगा कि जिस व्यक्ति को आपने पेमेंट के लिए डेलिगेट किया है वो अधिकतम कितना पेमेंट कर सकता है।
माना जा रहा है कि इस सुविधा का फायदा उन परिवारों को होगा जहां महिलाएं होममेकर होती हैं और रोजमर्रा की खरीदारी के लिए कैश पर निर्भर होती हैं। इसके साथ है उन माता-पिता को भी इसका लाभ मिलेगा जो छोटे-मोटे सामान खरीदने के लिए अपने बच्चों को दुकान भेजते हैं।
UPI के जरिए टैक्स की सीमा भी बढ़ी
RBI गवर्नर ने टैक्स पेमेंट के लिए UPI की सीमा बढ़ाने का ऐलान भी किया। इस सीमा को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया गया है। उन्होंने बताया कि UPI का यूजर बेस 42.5 करोड़ का हो गया है। उनका कहना है कि इसमें और ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है।
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